
इकोनॉमी
तम से लड़ेगा देश…
नौ रस, नौ ग्रह, नौमि तिथि, नौ का अंक विशेष।
रात नौ बजे, नौ मिनट, तम काटेगा देश ।।
कोरोना के रूप में, छाई विपदा रात।
रात न बीते जबतलक, तब तक बने न बात।।
एकसाथ मम देश में, होगी जगमग जोत।
जोत एकता भक्ति की, महाशक्ति का स्रोत ।।
©ओमप्रकाश भट्ट, बिलासपुर, छत्तीसगढ़














