
एमपी के सीएम शिवराज सिंह ने 1.25 करोड़ बहनों के खातों में डाले एक-एक हजार रुपए
शिवराज ने कहा... मैं जबलपुर में अपनी बहनों से अपने दिल की बात साझा कर रहा था और वर्चुअली दूर बैठी मेरी एक बहन से दिल के तार जुड़ गए...
जबलपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ने जबलपुर में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के खाते में एक-एक हजार रुपये ट्रांसफर किए। यह वादा भी किया कि जैसे-जैसे पैसे आते जाएंगे, यह राशि बढ़ाई जाएगी और तीन हजार महीने तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी योजना है कि हर बहन की आमदनी 10 हजार रुपये प्रतिमाह हो, वह लखपति हों। मुख्यमंत्री ने नर्मदा जयंती पर 28 जनवरी को नर्मदापुरम में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की घोषणा की थी। योजना में सभी वर्गों की गरीब बहनों को प्रति माह एक हजार रुपये मिलेंगे। फिर 5 मार्च को अपने जन्मदिन पर शिवराज ने भोपाल के जम्बूरी मैदान से ‘लाड़ली बहना योजना’ लागू करने और उसके कार्यक्रम की घोषणा की। 30 अप्रैल तक पात्र महिलाओं से आवेदन मंगाए गए। उनकी छंटनी हुई और स्वीकृति पत्र भी बांटे गए। एक रुपया ट्रांसफर कर अकाउंट के लिंक होने की पुष्टि भी की। साथ ही दस जून को लाड़ली बहना योजना की पहली किस्त के रूप में सभी पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एक-एक हजार रुपये सिंगल क्लिक से ट्रांसफर किए।
बहनों को 3 हजार तक दूंगा
शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि बहनों, याद रखना लाड़ली बहना योजना शुरू तो एक हजार रुपये प्रतिमाह से हुई है। अभी तो ये अंगड़ाई है। मैं जो कहता हूं वह करके दिखाता हूं। मैंने एक हजार प्रतिमाह देने की बात कही थी, उसे आज पूरा कर रहा हूं। जैसे-जैसे पैसे आते जाएंगे, राशि बढ़ी जाएगी। 1,000 के 1,250, 1,500 और फिर इसे 3 हजार रुपये तक भी करूंगा। बीच में कुछ सरकार के कार्यकाल में बेटियों को बोझ माना जाने लगा था। नारियों का अनादर किया जाने लगा। बहनों के साथ बहुत अन्याय हुआ। उस अन्याय को दूर करने का काम प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया। मैंने लाड़ली बहना योजना उन गरीब, निम्न मध्यमवर्गीय बहनों के लिए बनाई जो पैसों के अभाव में बच्चों की जरूरत पूरी नहीं कर पाती थी। कई बार बच्चों को किताबें, नहीं दिलवा पाने के कारण बहनों की आखों में आंसू आ जाते थे। यह सब देखकर मेरे मन में तकलीफ हुई कि इनके पास कम से कम इतने पैसे तो हों कि यह छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर सकें। बेटियां मुझे मामा कहती हैं तो उनकी मां के लिए मैंने सगे भाई का फर्ज निभाते हुए बहनों को एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह देने के लिए लाड़ली बहना योजना बनाई।
कांग्रेस से सावधान रहना
शिवराज ने कहा कुछ लोग झूठी घोषणाएं कर रहे हैं। मुझे झूठा कहते हैं। कांग्रेस के लोगों की नीयत ठीक नहीं है। ये लाड़ली बहना मेरा परिवार है। मैं आप लोगों का सगा भाई हूं। आपका सुख मेरा सुख है और आपका दुख मेरा दुख है। छोटे गांव में 11 बहनों और बड़े गांव में 21 बहनों की लाड़ली बहना सेना बनेगी। ये योजनाओं का लाभ दिलवाने के साथ ही गड़बड़ करने वालों को सजा दिलाने का काम करेंगी।
कमलनाथ ने योजनाएं बंद की
कमलनाथ पर निशाना साधते हुए शिवराज ने कहा पहले मैंने बैगा, भारिया और सहरिया बहनों को एक हजार प्रतिमाह देने की योजना बनाई। उससे उनके बच्चों के पोषण का स्तर सुधरा। जब कांग्रेस की सरकार आई तो उसने बैगा, भारिया, सहरिया को एक हजार रुपये प्रतिमाह देने की योजना बंद कर दी थी। कांग्रेसियों और कमलनाथ ने मेरी कई योजनाएं बंद कर दी। कमलनाथ ने तो बेटियों की शादी में पैसे नहीं दिए। लैपटॉप के पैसे नहीं दिए। मैं बहनों को बेटा-बेटी को जन्म देने से पहले चार हजार रुपये और जन्म के बाद 12 हजार रुपये देता था। कमलनाथ ने यह बंद कर दिया। अब मैंने इसे फिर से चालू करवा दिया।
हर बहन की आमदनी 10 हजार रूपए प्रतिमाह हो, वह लखपति हो
हमारी योजना है कि हर बहन की आमदनी 10 हजार रूपए प्रतिमाह हो, वह लखपति हों। आपने मेहनत की, आजीविका मिशन में शामिल हुई तो आपका ये शिवराज भाई पांच साल में आप सबको लखपति बना देगा। आज सिंगल क्लिक के माध्यम से आप लोगों के खाते में पैसे डाल रहा हूं। थोड़ा प्रोसेस में देर लगती है। कल-परसों तक आप सभी के खाते में पैसे आ जाएंगे। बहनों, याद रखना लाड़ली बहना योजना शुरू तो एक हजार रुपये प्रतिमाह से हुई है। अभी तो ये अंगड़ाई है। मैं जो कहता हूं वह करके दिखाता हूं। मैंने एक हजार रुपये प्रतिमाह देने की बात कही थी, उसे आज पूरा कर रहा हूं। जैसे-जैसे पैसे आते जाएंगे, बढ़ाते जाएंगे। 1,000 के 1,250, 1,500 और फिर इसे 3 हजार रुपये तक भी करूंगा। इस पैसे से आपकी जिंदगी बदलेगी, बच्चों की पढ़ाई, दवाई, भविष्य का इंतजाम होगा। अभी तक 23 साल या उससे अधिक उम्र की शादीशुदा बहनों को योजना का लाभ मिलता था। अब 21 साल की बेटी को भी लाड़ली बहना योजना का लाभ दिया जाएगा।
पीएम मोदी जी ने अन्याय को दूर किया
शिवराज ने कहा कि बीच में कुछ सरकार के कार्यकाल में बेटियों को बोझ माना जाने लगा था। नारियों का अनादर किया जाने लगा। बहनों के साथ बहुत अन्याय हुआ। उस अन्याय को दूर करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया। मैंने लाड़ली बहना योजना उन गरीब, निम्न मध्यमवर्गीय बहनों के लिए बनाई जो पैसों के अभाव में बच्चों की जरूरत पूरी नहीं कर पाती थी। कई बार बच्चों को किताबें, आईस्क्रीम नहीं दिलवा पाने के कारण बहनों की आखों में आंसू आ जाते थे। यह सब देखकर मेरे मन में तकलीफ हुई कि इनके पास कम से कम इतने पैसे तो हों कि यह छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर सकें। बेटियां मुझे मामा कहती हैं तो उनकी मां के लिए मैंने सगे भाई का फर्ज निभाते हुए बहनों को एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह देने के लिए लाड़ली बहना योजना बनाई।
















