मध्य प्रदेश

एमपी के महेश्वर डैम के गेट टूटने का खतरा, अचानक टूटे तो डूब जाएंगे कई गांव, लोग जान बचाने घर बार छोड़ जा रहे सुरक्षित स्थानों पर ….

भोपाल/खरगोन। मध्य प्रदेश में लगातार भारी बारिश और मेंटेनेंस के अभाव के चलते प्रदेश के एक बडे डैम के गेट गिरने का खतरा मंडरा रहा है। यदि डैम के गेट अचानक टूट गए तो इससे पानी की आवक काफी तेज गति से होगी, जिससे कई गांवों के डूबने की आशंका है। इससे मचने वाली तबाही के भय से लोग जान बचाने के लिए घर बार ऐसा ही छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं, प्रशासन भी लोगों को शिफ्ट करने में जुट गया है। क्षेत्र के कई गांवों में हड़कंप मचा हुआ है।

मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी पर बना महेश्वर बांध के गेट टूटकर गिरने की संभावना जताई जा रही है, इस बांध में कई जगह से दरार आ गई है, वहीं डैम के गेट भी काफी पुराने होकर जर्जर अवस्था में आ गए हैं, ऐसे में डैम के गेट गिरने से बड़े हादसा होने की संभावना नजर आ रही है। क्योंकि डैम के गेट के गिरने से अचानक काफी पानी निकलेगा, जिससे कई गांव डूब सकते हैं।

क्षतिग्रस्त गेट और डैम के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए यह बांध टूटने की कगार पर है। इससे मचने वाली तबाही की आशंका से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। हालांकि फिलहाल बारिश रुकी हुई है, लेकिन अन्य बांधों का पानी नर्मदा में छोड़े जाने की वजह से महेश्वर डैम पर पानी का दबाव बढ़ने की आशंका है।

मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में 31 अगस्त तक भारी बारिश का दौर रहेगा, चूंकि मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी पर भी बारिश में गिरे पूरे पानी का लोड रहता है और प्रदेश के किसी भी डैम के गेट खुलने पर उसका पानी नर्मदा में ही समाता है, ऐसे में नर्मदा नदी इस समय जमकर उफान पर है, हर कहीं लोग जल भराव से परेशान है, वहीं महेश्वर डैम में लगातार बढ़ रहे पानी के कारण और पानी के प्रेशर के कारण डैम के गेट टूटने की संंभावना बढ़ती जा रही है, इसलिए प्रशासन अलर्ट हो गया है।

खरगोन जिले में स्थित महेश्वर बांध के गेट भारी बारिश और मेंटेनेंस के अभाव में टूटकर गिरने की संभावना जताई जा रही है। ऐसा होने से क्षेत्र के करीब दो दर्जन से अधिक गांव डूब सकते हैं। आपको बतादें कि ये डैम 400 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए तैयार किया गया है।

जानकारों की माने तो बांध के स्पिल-वे क्षेत्र में 27 रेडियल गेट लगे हैं, जो कई सालों से खुले होने के कारण हवा में लटके रहते हैं, इस कारण डैम का 8 वें नंबर का गेट 2019 में गिरा था, ऐसे में वर्तमान में हो रही भारी बारिश के चलते फिर से डैम के अन्य गेट गिरने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो डेम फूटने जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है।

हालांकि इस मामले मे कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम का कहना है कि एक गेट गिरने से किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है, चूंकि इस परियोजना में काम करने वाली कंपनी डिफाल्टर है, इसलिए वहां फिलहाल कोई दूसरी कंपनी काम नहीं कर सकती है, लेकिन अगर एक गेट गिर भी जाता है तो किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।

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