मध्य प्रदेश

ज्योतिरादित्य के सामने बोली बाढ़ पीड़ित महिलाएं- नेता आते हैं और ढांढस बंधाकर चले जाते हैं, सिंधिया बोले- अब मैं आ गया हूं, सब कुछ ठीक हो जाएगा …

भोपाल/मुरैना। सरकार, नेता आते हैं और झूठे आश्वासन देकर चले जाते हैं। बाढ़ में हमारा घर-बार सब बह गया। हर साल इसी तरह हमारी गृहस्थी तबाह हो जाती है। घर के लिए ऊंचाई पर जगह दिलवा दो साहब, कब तक बर्बाद होते रहेंगे। यह कहते हुए नीबरीपुरा गांव की महिला रोने लगी तो नागरिक व उड्‌डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उसके सिर पर हाथ रखकर कहा, आप लोग चिंता न करें, अब हम आ गए हैं। हम जानते हैं कि आप लोगों ने बहुत परेशानी उठाई है। चौम्हो एवं तरसोखर पहुंचकर उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से संवाद करते हुए कहा कि पीड़ितों के उत्थान व उनकी हर संभव मदद के लिए देश एवं प्रदेश सरकार आपके साथ इस मुश्किल की घड़ी में खड़ी है।

मंत्री सिंधिया शनिवार को मुरैना के कुथियाना व बीलपुर स्थित बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। जैसे ही वे पीड़ितों के पास पहुंचे तो महिलाएं व लड़कियां उन्हें देखकर जोर-जोर से रोने लगीं। महिलाओं ने रोते-बिलखते हुए सिंधिया को बताया कि हर साल उनकी घर-गृहस्थी बाढ़ में बर्बाद होती है। अब, भी अगर उनकी सुनवाई नहीं होती है तो उनका मरना तय है। उन्होंने सिंधिया से हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते हुए कहा कि उन्हें ऊंची जगह पर घर बनाने के लिए जगह दी जाए, जिससे उनका व उनके बच्चों का जीवन बच सके।

ग्रामीणों ने सिंधिया से कहा कि घर-बार, गृहस्थी, अनाज, मवेशी सब बाढ़ की भेंट चढ़ गए। अब उनके पास खाने को दाना भी नहीं है। उनके सामने रोटी की समस्या है। कैसे अपने व अपने परिवार का पेट भरेंगे। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें रात में नींद नहीं आती। सोच-सोचकर अपने घर का ध्यान आता है। सब कुछ बर्बाद हो गया। अब अपनी व अपने बच्चों की जिंदगी कैसे कटेगी, यह सोचकर रोना आता है।

बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी- सिंधिया

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रधानमंत्री जी को अवगत करा रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी। उन्हें बेहतर से बेहतर स्थान पर पुनर्वास दिलाकर बाढ़ से निजात दिलाएंगे। इस दौरान राजस्व एवं परिवहन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया ने भी बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को संबोधित किया।

 आपदा से बचने बांध बनाने पर करेंगे विचार- सिंधिया

चंबल नदी की बाढ़ से नुकसान का जायजा लेने व बाढ़ पीड़ितों से मिलने के लिए प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट व राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के साथ मुरैना-श्योपुर के गांवों में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि चंबल, पार्वती नदियों में हर साल बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए डैम की जरूरत है। उन्होंने मंत्री तुलसी सिलावट से कहा कि वह ऐसे स्थल देखें, जहां बिना किसी बड़ी आपत्ति के डैम बन जाएं। उधर, पांच दिन बाद चंबल नदी खतरे के निशान से नीचे आ गई है। वे सबलगढ़ क्षेत्र में बाढ़ पीड़ित इलाकों का दौरा करने के बाद मुरैना में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम नदियों पर बांध बनाने के लिए अग्रसर हैं। मुरैना जिले की 5 तहसीलों में 80 गांवों के 5500 से ज्यादा परिवारों के 24 हजार 710 लोग प्रभावित हैं। 14 हजार 184 पशु भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। श्योपुर के जलालपुरा में उन्होंने कहा कि खुशी में हम साथ रहें न रहें, लेकिन संकट की घड़ी में सदैव आपके साथ हैं।

चार चरणों में चलेगा बाढ़ राहत का कामः सिंधिया के अनुसार पहले चरण में बाढ़ प्रभावित लोगों को खान-पीने, कपड़े, बर्तन की व्यवस्था होगी, जिनके घर बह गए हैं, ढह गए हैं, उन्हें आवासों की व्यवस्था की जाएगी। यह दो दिन में पूरा करेंगे। दूसरे चरण में पशुओं, फसलों और अन्य निजी समपत्ति के नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ितों के बैंक खातों में मुआवजा पहुंचाएंगे। यह काम भी दो से तीन दिन में पूरा कर लिया जाएगा। तीसरे चरण में बीमारी न फैले, इसके लिए गांव-गांव स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। बिजली, सड़कें जैसी मूलभूत सुविधाएं बहाल की जाएंगी। चौथे चरण में गांवों को चिह्नित कर स्थानीय रहवासियों को राजी करके डूब में आने वाले गांवों से निकालकर दूसरी जगह बसाएंगे।

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