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कलेक्टर सारांश मित्तर की पहल पर गुजरात से छुड़ाए गए ईट भट्ठा श्रमिक …

बिलासपुर ।  जिले के बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम कोहरौदा के 3 श्रमिक (1 परिवार), ग्राम हथकोड़वा के 7 श्रमिक (1 परिवार) एवं कोटा विकासखण्ड के ग्राम मोहनभाठा के 4 श्रमिक (1 परिवार) से कुल 14 श्रमिक है, उक्त 3 परिवारों को जो अपना गुजर-बसर करने के लिए ईट-पथई कार्य हेतु गुजरात के खेड़ा जिले में ग्राम किशनपुरम, पोस्ट वाडवाडी, थाना मे.अमदाबाद तह. मर्याद में स्थित ईट-भट्ठे मामा एस.आर.पी. मार्का गए थे, उन्हें वहां से मुक्त कराया गया है।

उल्लेखनीय है कि श्रमिक प्रतिवर्ष खेती-किसानी का कार्य पूर्ण होने के पश्चात् कमाने-खाने गुजरात जाया करते थे। इस वर्ष भी ग्राम कोहरौदा तहसील बिल्हा के जितेन्द्र बांधे, ग्राम हथाकेड़वा तह बिल्हा के इंदल बांधे एवं मोहनभाठा तह कोटा के विनोद टंडन, इन 3 परिवार के कुल 14 श्रमिकों को लेबर ठेकेदार जोहित पाटले, ग्राम संबलपुरी तह. तखतपुर के माध्यम से ईट भट्ठा मालिक मामा के गुजरात के खेड़ा जिले में ग्राम किशनपुरम, पोस्ट वाडवाडी, थाना मे. अमदाबाद तहसील मर्याद में स्थित ईट-भट्ठे में काम करने गए थे।

इंदल बांधे के परिजन राजकुमार गौरे के द्वारा कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर को  की गई। वहां उक्त श्रमिकों के साथ मार-पीट, गाली-गलौज, जबरन मजदूरी कराकर काम लिया जा रहा था, कलेक्टर ने सहायक श्रमायुक्त को कार्यवाही करने एवं आवश्यकता पड़ने पर बिलासपुर पुलिस का सहयोग लेने का निर्देश दिया। सहायक श्रमायुक्त द्वारा कलेक्टर के निर्देशानुसार तत्काल श्रम कार्यालय, खेड़ा से संपर्क किया गया एवं दूरभाष पर ही निरंतर चर्चा कर श्रम कार्यालय, खेड़ा के सहयोग से सभी 14 ईट-पथेरा श्रमिकों को छुड़ाने में सफलता प्राप्त की।

सभी 14 श्रमिकों को उनके कार्यस्थल ईट-भट्ठा मालिक के चंगुल से छुड़ाकार रेलगाड़ी के माध्यम से दिनांक 25 फरवरी 2022 को सकुशल बिलासपुर पहुंच गए है। सभी श्रमिकों ने बिलासपुर पहुंचने पर राहत की सांस ली एवं उन्होंने बंधक उत्पीड़न से छुड़ाने के लिए कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर बिलासपुर जिला प्रशासन का आभार प्रकट किया। बिलासपुर पहुंचने पर उन सभी श्रमिकों को उनके निवास स्थान भेजा गया।

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