मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश के 145 में से 35 से अधिक इंजीनियिरंग कॉलेजों में जीरो एडमीशन, कॉलेज संचालकों की नजर अब दूसरे राउंड पर…

भोपाल। प्रदेश के 142 इंजीनियरिंग कॉलेजों में 35 से अधिक कॉलेज ऐसे हैं, जिसमें प्रथम चरण में एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया है। इसमें भोपाल के 16 कॉलेज शामिल हैं। कॉलेज संचालकों की नजर अब दूसरे राउंड में होने वाले प्रवेश पर है। हालांकि, प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए प्रथम चरण की काउंसलिंग पूरी हो चुकी है। इसमें करीब 17 हजार विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। यह संख्या पिछले साल के मुकाबले दो गुना से भी ज्यादा है।

तकनीकी शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेने के लिए दूसरे राउंड के पंजीयन का सोमवार को आखिरी दिन था। दूसरे राउंड में करीब 17 हजार 154 छात्र-छात्राओं ने पंजीयन कराया है। इसमें 3 हजार 676 जेईई मेंस एवं 13 हजार 478 क्वालिफाई राउंड के शामिल हैं। इसमें से 7 हजार 167 विद्यार्थियों ने च्वाइस फिलिंग की है। च्वाइस फिलिंग की आखिरी तारीख 29 सितंबर है। 30 सितंबर को मेरिट सूची जारी की जाएगी। इसके बाद विभाग 5 अक्टूबर को अलाटमेंट जारी करेगा। विद्यार्थी 11 अक्टूबर तक प्रवेश ले पाएंगे।

तकनीकी शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार पहले राउंड में प्रदेश के 37 इंजीनियरिंग कॉलेजों की 10 हजार सीटों पर एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया है, जबकि, विद्यार्थियों को उनकी च्वाइस के मुताबिक उनकी पहली पसंद की कंप्यूटर साइंस की सीट तक आवंटित कर दी गई थी, लेकिन, बेहतर कॉलेज नहीं होने के कारण विद्यार्थियों ने प्रवेश नहीं लिया।

प्रदेश के ऐसे 10 कॉलेज हैं, जिनमें विद्यार्थियों ने प्रवेश लेने में रूचि नहीं दिखाई है। इसका कारण इनमें पढ़ाई एवं अन्य सुविधाओं का अभाव माना जा रहा है। स्टूडेंट द्वारा एडमीशन के लिए रुचि नहीं दिखाने वाले इन कॉलेजों में आल सेंट कॉलेज, बगुलामुखी कॉलेज, भोपाल इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट कॉलेज, भोपाल इंजीनियरिंग एंड साइंस कॉलेज, आइसकाम कॉलेज, कोपल कॉलेज, लक्ष्मीपति कॉलेज, मिलेनियम कॉलेज, मित्तल कॉलेज, राधारमण कॉलेज, राजीव गांधी कॉलेज, श्रीराम कॉलेज, सुरभी कॉलेज, स्वामी विवेकानंद कॉलेज और वीएनएस कॉलेज शामिल हैं। वहीं आदित्य कॉलेज सतना, गिरधर शिक्षा एवं समाज सुधार कॉलेज मंडीदीप, ग्लोबल कॉलेज बड़वानी, गुरूरामदास खालसा कॉलेज जबलपुर, ग्वालियर इंस्टीटयूट आफ इंफार्मेशन टेक्टनोलॉजी ग्वालियर, चित्रकूट, मथुरा देवी कॉलेज इंदौर, नागाजी कॉलेज ग्वालियर, रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा, संघवी कॉलेज इंदौर, सरस्वती इंस्टीट्यूट जबलपुर, सतपुड़ा इंजीनियरिंग कॉलेज बालाघाट, एसजीबीएम कॉलेज जबलपुर, शिवकुमार सिंह कॉलेज इंदौर, श्रीजी इंस्टीटयूट जबलपुर, रामा कृष्णना कॉलेज सतना, रावतपुर सरकार कॉलेज दतिया, परशुराम कॉलेज खंडवा, विक्रांत इंस्टीट्यूट इंदौर और देवास सहित प्रदेश के अन्य कॉलेज शामिल हैं।

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