मध्य प्रदेश

व्यापमं के व्हिसल ब्लोअर और जयस नेता आनंद राय को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली

रतलाम-झाबुआ सांसद एवं अन्य अधिकारियों पर हमले के आरोप में दो महीने से थे जेल में बंद

भोपाल। रतलाम-झाबुआ सांसद गुमानसिंह डामोर एवं अन्य अधिकारियों पर हमले के आरोप में जेल में बंद व्यापमं घोटाले में व्हिसल ब्लोअर और जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) के नेता डॉ. आनंद राय को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आनंद राय की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाय चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली बैंच ने व्यापमं घोटाले के व्हिसल ब्लोअर डॉ. आनंद राय को जमानत दे दी है। उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत आरोप थे। रतलाम-झाबुआ सांसद गुमानसिंह डामोर के वाहन पर हमले से जुड़े इस मामले में डॉ. आनंद राय 15 नवंबर से जेल में बंद थे। सुप्रीम कोर्ट की बैंच ने ट्रायल कोर्ट की नियम-शर्तों के आधार पर जमानत दी है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आनंद राय की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। आनंद राय की ओर से पैरवी वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने की, जबकि याचिका एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सुमीर सोढ़ी ने दाखिल की थी।

रतलाम में दर्ज किया गया था मामला

ज्ञात हो कि 15 नवंबर 2022 को रतलाम जिले के बिलपांक में विकास पारगी द्वारा आईपीसी की धारा 294, 341, 353, 332, 146, 147, 336, 506 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) (डी), 3(1) (एस) और 3(2) (ए) के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप है कि विकास तिवारी बिरसा मुंडा जयंती समारोह से लौटते समय सांसद डामोर, विधायक और कलेक्टर के काफिले में पीछे थे। उन्हें जयस संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने रोका और पथराव किया। इस वजह से कलेक्टर के गनमैन को चोटें आई थीं। शिकायत में आनंद राय समेत 40-50 हमलावरों का नाम दर्ज था। बिरसा मुंडा जयंती पर जयस ने भी कार्यक्रम रखा था।

याचिका में कहा- राजनीतिक द्वेष के तहत दर्ज किया केस

सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई याचिका में डॉ. आनंद राय ने अपनी याचिका में कहा था कि उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत कोई स्पष्ट आरोप नहीं है। इसके बाद भी राजनीतिक द्वेष की वजह से यह एफआईआर दर्ज हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बैंच ने 12 दिसंबर को जमानत देने से इनकार कर दिया था। याचिका में आरोप लगाया था कि सरकार और अधिकारी व्यापमं घोटाले को उजागर करने का बदला ले रहे हैं और झूठा केस दर्ज किया गया है।

महू से चुनाव लड़ना चाहते हैं राय

उल्लेखनीय है कि डॉ. राय शासकीय सेवा में हैं, लेकिन वे विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने इंदौर की 5 नंबर विधानसभा सीट से दावेदारी जताई थी। तब कमलनाथ उन्हें टिकट देने को राजी भी हो गए थे, लेकिन बाद में सत्यनारायण पटेल को टिकट दे दिया गया। डॉ. राय अब जयस में सक्रिय हैं और महू विधानसभा क्षेत्र से जयस के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने महू-मानपुर क्षेत्र में आदिवासियों के साथ आंदोलन भी किए हैं। घटना वाले दिन बिरसा मुंडा जयंती का कार्यक्रम रखा था और डॉ. राय इस कार्यक्रम में रतलाम में थे, जब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। स्वास्थ्य विभाग उन्हें निलंबित कर चुका है। पहले आंनद राय जयस नेता डॉ. हीरालाल अलावा के साथ थे, लेकिन बताया जा रहा है आजकल उनसे भी राय की पटरी नहीं बैठ रही है। खुले तौर पर दोनों एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते हैं।

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