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तातापानी महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी स्थानीय कला व संस्कृति की झलक, हजारों की संख्या में लोगों ने उठाया सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ ….

बलरामपुर । ऐतिहासिक संक्रांति परब तातापानी महोत्सव में जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयीन छात्रों ने सुआ, कर्मा, गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति से अतिथियों मन मोहा। जिले के विभिन्न स्थानों से आये स्थानीय जनजातीय कलाकारों ने अपने नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला व संस्कृति झलक प्रस्तुत की।

छत्तीसगढ़ का बलरामपुर-रामानुजगंज जिला अपनी आदिम संस्कृति और परंपरा की अनूठी विरासत के लिए मशहूर है, इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष तातापानी महोत्सव का आयोजन किया जाता है। तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव के पहले दिन की सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों एवं प्रदेश ख्याति प्राप्त कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।

इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों से आये छात्र-छात्राओं ने नृत्य के माध्यम से जिले के विकास की झलक और पारंपरिक नृत्यों की शानदार प्रस्तुति दी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोकगीत गायिका आरू साहू तथा सुनील मानिकपुरी ने अपने सुरीली आवाज की जादू से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और अपनी टीम के साथ छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की प्रस्तुति दी।

युवा सूफ़ी गायक नासिर अहमद और नरिन्द्र पाल सिंह ने खूबसूरत सूफी कलाम और नगमे पेश कर श्रोताओं को मंत्र मुक्त कर दिया। उन्होंने अपनी गायकी में रूहानी संगीत की खुशबू से सूफी के हर रंग को नए अंदाज से पेश कर के श्रोताओं की दिल में अपनी जगह बनायी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान तातापानी महोत्सव स्थल दर्शकों से पूरी तरह से भरा रहा। हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शकों ने पूरी तन्मयता के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जमकर लुत्फ उठाया।

तातापानी महोत्सव में अपने प्रदर्शन और कला से लोगों का मन मोह लेने वाले विभिन्न स्थानों से आये कलाकारों का जिला प्रशासन की तरफ से कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग और जिला पंचायत सीईओ रेना जमील ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया।

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