मध्य प्रदेश

त्याग की मिसाल, आदिवासी समाज के सबसे बड़े आराध्य बिरसा मुंडा की प्रतिमा लगाने दान कर दी 2 एकड़ जमीन …

भोपाल/उमरिया। आदिवासी समाज के लोगों का जीवन स्तर भले ही सामान्य होता हो, लेकिन उनके अंदर त्याग की भावना किस तरह भरी होती है, इसकी एक मिसाल पेश की है मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के डगडौआ गांव के नत्थू कोल ने। खुद झोपड़ी में रहकर अपना जीवन गुजर-बसर करने वाले नत्थू कोल ने आदिवासी समाज के आराध्य बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने के लिए अपनी दो एकड़ जमीन दान कर दी। नत्थू द्वारा दी गई जमीन पर करीब एक वर्ष पूर्व बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित कर दी गई है। यहां मेले का आयोजन भी होने लगा है। नत्थू की इस पहल की आज भी लोग सराहना कर रहे हैं।

करीब डेढ़ साल पहले स्मारक निर्माण के लिए हुई आदिवासी समाज की बैठक में जब नत्थू कोल ने बिरसा मुंडा का इतिहास जाना तो उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने फैसला लेते हुए उसी बैठक में प्रतिमा स्थापना के लिए अपनी जमीन देने की घोषणा कर दी। नत्थू कोल बताते हैं कि बिरसा मुंडा जी ने जो काम किया वह महान था। उन्होंने आदिवासी समाज के उत्थान के लिए अपने जीवन को संकट में डाल दिया। भयानक यातनाएं झेलने के बाद अपना जीवन न्योछावर कर दिया तो उसके आगे यह कुछ नहीं है। इसके बाद नत्थू कोल द्वारा दान की गई जमीन पर समाज द्वारा बिरसा मुंडा की विशाल प्रतिमा का निर्माण करवाया गया और उसी जमीन पर मेले का आयोजन भी होने लगा है।

वर्ष 2021 में जब बिरसा मुंडा के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित आदिवासी सम्मेलन में शामिल होने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान डगडौआ पहुंचे तो उन्हें इस बात का पता चला। उन्होंने नत्थू कोल को मंच पर बुलाकर उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री को जब यह पता चला कि नत्थू कोल के पास घर नहीं है तो उन्होंने वहीं उनके नाम प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने की घोषणा की। कुछ ही दिनों में नत्थू कोल को नया आवास मिल गया। नत्थू कोल समाज के लोगों से बिरसा मुंडा के आदर्श अपनाने की अपील भी करते हैं।

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