नई दिल्ली

महिलाओं की ई-ऑटो चलाने में रुचि कम, 743 आवेदकों में से 14 ने ही कराया रजिस्ट्रेशन …

नई दिल्ली । दिल्ली परिवहन विभाग में ई-ऑटो खरीदने के लिए 743 महिलाओं ने आवेदन किया था, लेकिन उनमें से 14 महिलाओं ने ही आशय का पत्र लेने के बाद ऑटो का पंजीकरण कराया है। हालांकि, इसके पीछे लोन मिलने में आ रही दिक्कतों को भी एक वजह बताया जा रहा है।

सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने और उन्हें स्वरोजगार का अवसर प्रदान करने की दिल्ली सरकार की कोशिशें परवान चढ़ती नहीं दिख रही हैं। ई-ऑटो के लिए निर्धारित कोटे से कम आवेदन मिलने के बाद अब ऑटो खरीद कर पंजीकृत कराने वाले महिलाओं की संख्या बेहद कम है।

बीते वर्ष सरकार ने दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या को बढ़ावा देने के लिए 4216 ई-ऑटो के परमिट के लिए आवेदन मांगे थे। सरकार ने तय किया कि 33 फीसदी यानी 1406 ई-ऑटो परमिट महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। ऐसी महिलाएं जिनके पास दिल्ली का आधार कार्ड होगा और ड्राइविंग लाइसेंस होगा, उन्हें ई-ऑटो का परमिट दिया जाएगा।

दो बार आवेदन की प्रक्रिया को बढ़ाने के बाद महिला कोटे के तहत महज 743 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें विभाग ने बिना ड्रॉ प्रक्रिया के तहत ऑटो खरीदने के लिए आशय पत्र जारी करने की घोषणा की। बताया जा रहा है कि कई महिलाओं ने लंबी कागजी कार्रवाई और उच्च ब्याज दर को तिपहिया नहीं खरीदने की वजह बताया है। उधर, पुरुष श्रेणी में भी ई-ऑटो खरीदने की प्रक्रिया बहुत बेहतर नहीं हैं।

बता दें कि, दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने 4,261 लोगों को आशय पत्र जारी किया था जिनमें से 2,855 पुरुष और 743 महिलाएं थीं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 743 महिला आवेदकों से केवल 14 ने अपने ई-ऑटो को पंजीकृत कराया है, जबकि 273 पुरुषों ने भी यह प्रक्रिया पूरी की है।

दिल्ली सरकार ई-ऑटो खरीदने के लिए ऋण लेने पर पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान दे रही है, इसके साथ ही खरीद पर 30 हजार रुपये का प्रोत्साहन दिल्ली विद्युत वाहन नीति के तहत दे रही है। 

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