राजस्थान

राजस्थान पुलिस की शर्मनाक करतूत, हत्या के आरोपी को घूमने के लिए खुले में छोड़ा, पोल खुलने पर 5 सस्पेंड …

जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर शहर में पुलिसकर्मियों की शर्मनाक करतूत सामने आई है। भीलवाड़ा में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपियों को तीन घंटे घूमने के लिए छोड़ देने के आरोप में 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। शहर के एमडीएम अस्पताल लाए गए कैदी को सुरक्षा में तैनात 5 पुलिसकर्मियों ने तीन घंटे घूमने के लिए छूट दे दी। इस बीच अस्पताल से कैदी तीन घंटे बाद घूमकर वापस आया तो पुलिसकर्मियों की पोल खुल गई। मामले में एक हेड कॉन्स्टेबल और 4 कॉन्स्टेबलों को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।

दरसअल भीलवाड़ा में अफीम तस्करी के दौरान हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार मुख्य आरोपी राजू फौजी के सहयोगी रामनिवास जाट को पीठ दर्द की शिकायत पर एमडीएम अस्पताल के न्यूरो वार्ड में भर्ती करवाया गया था। आरोपी रामनिवास जाट के साथ एक हेड कॉन्स्टेबल व चार कॉन्स्टेबल सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे। इस बीच अस्पताल में कैदी को सुरक्षा के लिहाज से कॉटेज वार्ड में भर्ती किया गया था। उस दौरान रात को 9 बजे एक नर्स इंजेक्शन लगाने के लिए कॉटेज वार्ड के रूम में पहुंची तो रूम के बाहर पुलिसकर्मी गायब थे। साथ ही कॉटेज रूम का गेट भी अंदर से बंद था। करीब एक घंटे तक गेट खटखटाने के बाद भी रूम नहीं खुला तो नर्स ने अस्पताल स्थित पुलिस चौकी को सूचना दी। अस्पताल की चौकी से पुलिसकर्मियों ने खिड़की तोड़ कॉटेज में प्रवेश किया तो अंदर कोई नहीं मिला। थोड़ी देर बाद सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे तो कैदी को घूमने छोड़ने की पोल खुल गई। इसके बाद अधिकारियों ने 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।

एसीपी चक्रवर्ती सिंह की रिपोर्ट पर पुलिस कमिश्नर रविदत्त के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त विनीत बंसल ने हेड कॉन्स्टेबल परसादीलाल मीणा, कांस्टेबल श्रवण, सुखवीर सिंह,सत्यनारायण, नरेंद्र को सस्पेंड कर दिया। साथ ही इन सभी पर एफआईआर दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी। शास्त्रीनगर पुलिस ने कॉन्स्टेबल सुखवीर सिंह और नरेंद्र को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि कैदी रामनिवास 15 दिनों से एमडीएम अस्पताल में इलाज को लेकर भर्ती था। लिहाजा पुलिस अब यह पता करने में जुटी है कि पांच पुलिसकर्मियों ने कितनी बार कैदी को घूमने के लिए छोड़ा होगा।

10 अप्रैल 2021 को भीलवाड़ा के कोटड़ी थाने के कांस्टेबल ओंकार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कांस्टेबल ओंकार सिंह की हत्या में मुख्य आरोपी राजू फौजी सहित 11 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उनमें रामनिवास जाट भी शामिल था।

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