
राजस्थान के स्कूलों में सूर्य नमस्कार अनिवार्य
जयपुर.
राजस्थान में सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही सभी स्कूलों में सूर्य नमस्कार दोबारा शुरू होंगे। कार्यालय निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर ने आदेश जारी कर दिए है। इससे पहले शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने ऐसे संकेत दिए थे। दिलावर ने कहा कि अगले महीने 16 फरवरी को सूर्य सप्तमी है। इस अवसर पर हम एक बड़ा आयोजन प्रदेश स्तर का करना चाह रहे हैं।
इसमें सभी स्कूलों में सूर्य नमस्कार होंगे। इसकी प्रैक्टिस भी स्कूलों में करवाई जाएगी। निदेशक आशीष मोदी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेशों की पालना के क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए है। दिलावर ने कहा कि 15 व 16 फरवरी को सूर्य सप्तमी है। ऐसे में हम 15 तारीख को सूर्य सप्तमी को बड़े स्तर पर मनाना चाह रहे हैं। उस दिन सभी विद्यालय में कार्यक्रम होगा. इसमें भामाशाह और समाजसेवियों का सहयोग लिया जाएगा। ये लोग सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, ग्रामवासी व अन्य राजनीतिक क्षेत्र के होंगे. हम ऐसा कार्यक्रम करना चाहते हैं, यह हिंदुस्तान में सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा। सबसे ज्यादा व्यक्ति एक साथ सूर्य नमस्कार करें।
15 सूर्य नमस्कार का अभ्यास रोज विद्यार्थी करें
मदन दिलावर ने कहा कि प्रार्थना सुबह में कम से कम 15 सूर्य नमस्कार का अभ्यास रोज विद्यार्थी करें। इसके बाद ही हमने जैसा सोचा है। वैसा आयोजन स्कूलों में हो पाएगा। यहां तक की मंत्री दिलावर ने सूर्य को भगवान बताया है। साथी ही कहा कि सूर्य के प्रकाश से ही हम सब कुछ कर पा रहे हैं। इसलिए सूर्य सप्तमी पर एक बड़ा कार्यक्रम भी हो जाएगा और लोगों में व्यायाम करने की रुचि भी रहेगी। एक बार पहले 15 फरवरी तक सूर्य नमस्कार करना अनिवार्य रखेंगे। जब एक बार विद्यार्थियों की व्यायाम करने की आदत बन जाएगी, तब वे अपने आप ही स्कूलों में सूर्य नमस्कार कर सकेंगे।

















