नई दिल्ली

अब अर्पिता मुखर्जी से जुड़ी तीन कंपनियों की जांच में जुटी ईडी, खुलेंगे कई राज, लोग कह रहे- पिंजरे का तोता घूम रहा पश्चिम बंगाल …

कोलकाता। “तोता” पिंजरे से आजाद होकर पश्चिम बंगाल की वादियों में मुक्त होकर घूम रहा है। तोते की आजादी की उत्कंठा से टीएमसी के कई नेताओं पर गाज गिरने की संभावना बढ़ गई है। वहीं इन दिनों ईडी की कार्रवाई में मुखर्जी के घर से पार्थ के करीब 50 करोड़ रुपए से अधिक नकदी बरामद करने के बाद पिंजरे के “तोते” ने अपनी जांच कर दायरा यानी अपने पंख और भी फैला लिए हैं। घर के बाद पिंजरे का तोता अब मुखर्जी से जुड़ी तीन कंपनियों पर बसेरा बनाएगा और दूसरों की बोली “हू-ब-हू” बोलेगा।

पश्चिम बंगाल में शिक्षक घोटाला मामले की जांच कर रहे ईडी ने राज्य सरकार से बर्खास्त और गिरफ्तार पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी से जुड़ी तीन कंपनियों की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी को संदेह है कि पार्थ के साथ जुड़ने के बाद अर्पिता को इन कंपनियों का निदेशक नियुक्त किया गया था। इन सभी फर्मों के निदेशक और बिजनेस पार्टनर पार्थ चटर्जी के करीबी कल्याण धर हैं।

 

 

देश में इस वक्त के सबसे चर्चित केस बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में पार्थ चटर्जी से लिंक के आरोप में गिरफ्तार अर्पिता मुखर्जी की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। ईडी के अधिकारियों ने अर्पिता की तीन कंपनियों की जांच शुरू कर दी है। ईडी को शक है कि अर्पिता को इन तीनों कंपनियों का निदेशक नियुक्त किया गया था। अर्पिता के घरों पर छापेमारी के दौरान ईडी के अधिकारी अब तक 55 करोड़ से ज्यादा कैश और सोने  के जेवरात बरामद कर चुके हैं।

अर्पिता हालांकि ईडी अधिकारियों के समक्ष कह चुकी है कि उसे घरों से बरामद कैश पार्थ चटर्जी का है। जबकि, पार्थ इस मामले में किसी साजिश का अंदेशा जा चुके हैं। उधर, टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को मंत्री पद और पार्टी के सभी पदों से बाहर निकाल दिया है। चलिए जानते हैं उन कंपनियों के बारे में, जो अर्पिता से जुड़ी हैं और ईडी जांच के घेरे में हैं-

दस्तावेजों के अनुसार, अर्पिता को 21 मार्च, 2011 को निगमित कोलकाता स्थित एक फर्म सिम्बायोसिस मर्चेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। फर्म को विभिन्न प्रकार के सामानों के थोक के कारोबार में शामिल दिखाया गया था। अर्पिता के साथ कल्याण धर को भी 1 जुलाई 2021 को कंपनी का निदेशक बनाया गया था।

9 नवंबर, 2011 को अर्पिता को फर्म सेंट्री इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि इस फर्म को 2001 में 1 करोड़ रुपये की अधिकृत शेयर पूंजी के साथ शामिल किया गया था। हालांकि, 2011 में अर्पिता की निदेशक के रूप में नियुक्ति के बाद, कल्याण धर को भी 2018 में निदेशक बनाया गया था। अभी तक, इस फर्म में केवल दो निदेशक हैं – अर्पिता और कल्याण धर। कागजों पर यह फर्म विशेष प्रयोजन मशीनरी के निर्माण में शामिल है।

29 अक्टूबर 2014 को अर्पिता एचए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का निदेशक अर्पिता मुखर्जी को बनाया गया था। दिलचस्प बात यह है कि इस कंपनी के दूसरे निदेशक कल्याण धर को उसी वर्ष नियुक्त किया गया था जब उन्हें अर्पिता के साथ सेंट्री इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक बनाए गए थे।

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