
पहली बार…राज्यपाल के अभिभाषण से पहले बीजेपी व जोगी कांग्रेस का वॉकआउट
भाजपा बोली- ये गलत परंपरा की शुरुआत, ना अभिभाषण और ना ही चर्चा में लेंगे भाग, जोगी ने भी जताई आपत्ति
रायपुर (दीपक दुबे)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई। हालांकि, राज्यपाल के अभिभाषण शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। विपक्ष ने विशेष सत्र को सिर्फ एक दिन का बुलाकर और एक दिन के विशेष सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण कराने और उसके चर्चा के लिए नियम मुताबिक वक्त नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल के अभिभाषण से वॉकआउट कर दिया। इतना ही नहीं, चर्चा में भी भाग नहीं लेने का फैसला लिया।
बीजेपी की तरफ से बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह एक गलत परंपरा की शुरुआत है और वे इस परंपरा का हिस्सा नहीं बन सकते। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उनकी पार्टी ना तो अभिभाषण में और ना ही चर्चा में भाग लेगी।
देश में कभी भी ऐसा नहीं हुआ…
वहीं जोगी कांग्रेस की तरफ से भी राज्यपाल के अभिभाषण से वॉकआउट कर दिया गया। अजीत जोगी ने कहा कि ये बेहद गलत परंपरा की शुरुआत हो रही है। देश में कभी भी ऐसा नहीं हुआ, इसलिए वो इस अभिभाषण में हिस्सा नहीं लेंगे।
…सिर्फ 2 मिनट में ही खत्म हो गया राज्यपाल का अभिभाषण
छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण बेहद ही संक्षिप्त रहा। महज दो मिनट में ही राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त हो गया। इधर, राज्यपाल के अभिभाषण की चर्चा से बीजेपी और जोगी कांग्रेस के बहिष्कार के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्रवाई को एक बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
इसलिए बुलाया गया था विशेष सत्र
बता दें कि 126वें संविधान संशोधन के तहत केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति को आरक्षण की सीमा को 10 साल के लिए बढ़ाने का जो निर्णय लिया है, उसे विधानसभा में भी पास किया जाएगा। इसी के मद्देनजर छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था। विपक्ष की मांग थी कि विशेष सत्र को बढ़ाया जाए। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की जो परंपरा रही है, उसी के मुताबिक चर्चा कराई जाए, लेकिन राज्य सरकार एक दिन के ही विशेष सत्र पर अड़ी रही और इसी वजह से सदन के भीतर गतिरोध बना रहा।
अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा-
राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आज छत्तीसगढ़ राज्य के पांचवी विधानसभा के नववर्ष-2020 में आयोजित प्रथम सत्र के अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने अल्प समय में अपनी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली से जो गौरवशाली परम्पराएं स्थापित किए हैं, वह इस विधानसभा के इतिहास में सुनहरे पन्ने के रूप में दर्ज हुई हैं। उन्होंने कहा कि आज इस विधानसभा में आने का मेरा पहला अवसर है, जिसकी सुखद अनुभूति मुझे भावुक भी कर रही है और एक नई ऊर्जा से ऊर्जित भी कर रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ विधानसभा की कीर्ति-पताका को ऊंचा करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि आप सब प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने में अपना योगदान पूरे मनोयोग से करें।

















