मध्य प्रदेश

आम भक्तों को अमावस्या के बाद मिलने लगेगा महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश ….

उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास की चार और भादौ की दो सवारियां निकलने के बाद भक्तों की भीड़ की स्थिति सामान्य हो गई है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासक ने पूर्व निर्धारित व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब सामान्य दर्शनार्थियों को शनिश्चरी अमावस्या के बाद गर्भगृह में प्रवेश दिया जाएगा। फिलहाल 1500 रुपये की रसीद पर भक्तों को जलाभिषेक की अनुमति दी जा रही है।

मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि 22 अगस्त को शाही सवारी संपन्न होने के बाद व्यवस्था में परिवर्तन की शुरुआत कर दी गई है। दर्शनार्थियों को अब चारधाम मंदिर के बजाय बड़े गणेश मंदिर के सामने से शंख द्वार होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। अधिकारियों को श्रावण से पहले की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी दिनों में शनिवार को शनिचरी अमावस्या, रविवार को अवकाश का दिन तथा 29 अगस्त को सोमवार होने से आम दर्शनार्थियों का गर्भगृह में प्रवेश शुरू नहीं किया जा रहा है, लेकिन 30 अगस्त मंगलवार से भीड़ की स्थिति को देखते हुए सामान्य दर्शनार्थियों को गर्भगृह में प्रवेश की शुरुआत कर दी जाएगी।

महाकाल मंदिर में 14 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत हुई थी। मंदिर समिति ने 14 जुलाई से 22 अगस्त शाही सवारी तक भक्तों का नंदी हाल व गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित किया था। इस दौरान मंदिर प्रशासन ने सख्ती से नियम का पालन कराया तथा हरसंभव समस्त श्रेणी के दर्शनार्थियों को गणेश मंडपम के बैरिकेड्स से भगवान महाकाल के दर्शन कराए। अब शाही सवारी समाप्त होने के बाद मंदिर प्रशासन ने गर्भगृह में प्रवेश शुरू करने की तैयारी कर ली है।

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