मध्य प्रदेश

शिवपुरी के कराहल में पीएम मोदी ने महिलाओं से किया संवाद, कहा- मैं जन्मदिन पर मां के पास नहीं जा सका, पर आप सब माताएं मुझे आशीष दें …

ग्वालियर। कूनो नेशनल पार्क में चीते छोड़ने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्योपुर जिले के ही कराहल में पहुंचे। यहां उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री योजना के तहत चार कौशल केंद्रों का लोकार्पण किया। सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने कहा कि आम तौर पर मेरा प्रयास रहता है कि मेरे जन्मदिन पर मेरी मां के पास जाऊं। उनका चरण छूकर आशीर्वाद लूं। आज मैं मां के पास तो नहीं जा सका, लेकिन मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल के, अन्य समाज के गांव-गांव में मेहनत करने वाली यह लाखों माताएं आज मुझे यहां आशीर्वाद दे रही हैं।

मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मेरे जन्मदिन का उल्लेख किया। मुझे तो याद रहता नहीं है। आम तौर पर मेरा प्रयास रहता है कि मेरी मां के पास जाऊं। उनका चरण छूकर आशीर्वाद लूं। लेकिन, आज मैं मां के पास तो नहीं जा सका, लेकिन आज यहां इन लाखों माताओं को मुझे आशीर्वाद देने का यह दृश्य जब मेरी मां देखेगी, उसे संतोष होगा कि बेटा उसके पास नहीं आया, लेकिन उसे लाखों माताओं का आशीर्वाद मिला है। आपका आशीर्वाद हमारे लिए प्रेरणा है।

पीएम मोदी ने कहा कि देश की माताएं-बहनें और बेटियां मेरा सबसे बड़ा रक्षा कवच हैं। वह शक्ति का स्रोत है। पिछले आठ साल में स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने में हमने पूरी मदद की। आठ करोड़ से अधिक बहनें पूरे देश में इस अभियान में जुड़ चुकी हैं। आठ करोड़ परिवार इस काम से जुड़े हैं। मध्यप्रदेश की भी 40 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी है। लेकिन मेरा आग्रह है कि हर ग्रामीण परिवार से कम से कम एक महिला इस अभियान से जरूर जुड़े।

 एक जिला एक उत्पाद के तहत लोकल उत्पादों को बड़े बाजारों में भेजा जा रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिला उद्यमियों को संभावनाएं बनाने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के माध्यम से हम प्रत्येक जिले के लोकल उत्पादों को बड़े बाजारों में पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसका बड़ा लाभ महिला स्वयं सहायता समूहों को मिला है। कुछ देर पहले मुझे कुछ महिलाओं से बात करने का मौका मिला। ग्रामीण बहनों के बनाए यह उत्पाद पूरे देश के लिए अनमोल है। मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि यहां मध्यप्रदेश में हमारे शिवराज सिंह की सरकार ऐसे उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। सरकार ने अनेक ग्रामीण बाजार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए ही बनाए हैं। इन बाजारों में स्वयं सहायता समूहों ने 500 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री है। इतना सारा पैसा आपकी मेहनत से गांव की बहनों के पास पहुंचा है। हमारी योजनाएं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए काम करेंगी।

हमारे देश की धरती पर चीतों के लौटने की खुशी मनाएं

पीएम ने कूनो लाए गए चीतों का जिक्र करते हुए कहा, 75 साल बाद चीता फिर हमारी धरती पर लौट आया है। हम पूरे विश्व को संदेश देना चाहते हैं। आज जब आठ चीते हमारी देश की धरती पर लौट आए हैं, दूर अफ्रीका से आए हैं, लंबा सफर करके आए हैं, हमारे बहुत बड़े मेहमान आए हैं। इन मेहमानों के सम्मान में हम सब अपनी जगह पर खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर करके स्वागत करें। जोर से ताली बजाएं। जिन्होंने हमें चीते दिए हैं, उन देशवासियों का भी हम धन्यवाद करते हैं। उन्होंने लंबे अरसे बाद हमारी मनोकामना पूरी की है। उन्होंने कहा कि मेरे भाइयों-बहनों, भारत सरकार ने आपको ये चीते इसलिए भेंट किए हैं, क्योंकि हमारा विश्वास आप पर ज्यादा है। मध्यप्रदेश ने कभी मेरे भरोसे पर आंच नहीं आने दी है और मैं जानता हूं कि श्योपुर के भाई-बहन भी मेरे विश्वास को टूटने नहीं देंगे।

सीएम शिवराज बोले- आज पूरा मध्यप्रदेश खुशी से झूम रहा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे बीच में हैं। मध्यप्रदेश आज खुशियों से झूम रहा है। सीएम ने घोषणा करते हुए कहा कि जो होटल और रिसोर्ट बनाएंगे और जनता और पर्यटकों की सुविधा के लिए अधोसंरचना बनाएंगे, हम उनको विशेष सुविधाएं देने का काम करेंगे।

पीएम से श्योपुर आने का अनुरोध किया तो बोले थे- खाली हाथ नहीं चलेंगे- नरेंद्र तोमर

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने श्योपुर आने पर पीएम मोदी का आभार मानते हुए कहा- ये श्योपुर जिला बहुत ही छोटा है, लेकिन प्राकृतिक संपदा से भरा है। इस जिले में दो विधानसभा हैं। इस क्षेत्र में जंगल हैं, शिव भगवान के कई मंदिर हैं, इसी कारण इसे श्योपुर नाम दिया गया है। आज गांव के गरीब किसानों से मिलने के लिए, हमारी बहनों का उत्साह बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री आए हैं। श्योपुर में अभयारण्य बनाने के लिए लोग विस्थापित हो गए, इंतजार करते रहे कि क्षेत्र आगे बढ़ेगा। लेकिन, ये इंतजार ही रहा। 2014 में पीएम मोदी ने पद संभाला। इसके बाद उनसे अनुरोध किया। पीएम मोदी ने कहा- हम श्योपुर चलेंगे तो खाली हाथ नहीं चलेंगे। जब पहुंचेंगे तो चीते के साथ ही इस अभयारण्य का शुभारंभ करेंगे।

 

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