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कोयला कारोबारी के निवास में ED की देर रात तक चलती रही कार्रवाई, CRPF के जवानों का रहा घेरा, मोबाइल बंद कर दफ्तर से गायब मिले खनिज अफसर …

बिलासपुर। ED की रेड बिलासपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में जारी है। शुक्रवार की सुबह से टीम में शामिल अफसर विनोबा नगर निवासी कोयला कारोबारी प्रमोद जैन के रिश्तेदार स्वतंत्र जैन के निवास पहुंचे। इस दौरान उनके साथ आए CRPF के जवानों ने बंगले को घेर लिया और घर में परिवार के सदस्यों को भी बाहर जाने से रोक दिया। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कोयला कारोबारी के घर से बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्ति की जानकारी मिली है। टीम में शामिल अफसर सुबह से लेकर देर रात तक मकान की तलाशी लेते रहे और दस्तावेजों की जांच करते रहे। हालांकि, कोयला कारोबारी के घर से ED को क्या-क्या मिला है, अभी इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

बिलासपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे की कार्रवाई देर रात तक चलती रही। अफसरों की टीम ने कोयला कारोबारी के बंगले में दबिश दी और दस्तावेजों के साथ ही कोयले की काली कमाई की जानकारी खंगालते रहे। इस कार्रवाई के दौरान केंद्रीय रिजर्व बल (CRPF) की टीम ने बंगले को घेर लिया। इधर, ED के शहर पहुंचने की भनक लगते ही शुक्रवार को खनिज अफसर दफ्तर से गायब नजर आए। इस दौरान अफसरों ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। माना जा रहा है कि कोयला कारोबारी के घर से मिले सबूतों के आधार पर ED की टीम जिला प्रशासन के अफसरों को भी अपना निशाना बना सकती है।

इस कार्रवाई के दौरान ED की टीम ने लोकल पुलिस से भी दूरी बनाकर रखी थी। यही वजह है कि पुलिस अफसरों को भी ED की छापेमारी की भनक तक नहीं लगी। वहीं, CRPF के जवान पूरे समय बंगले और आसपास की गतिविधियों पर नजर बनाए रखे थे।

बताया जा रहा है कि ED की टीम ने कोयला कारोबारी के साथ ही ट्रांसपोर्टर अंकित और विपुल पटेल के ठिकानों में भी कार्रवाई करने पहुंची थी। हालांकि, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। यह भी बताया जा रहा है कि टीम ने देर रात तक जांच पूरी होने के बाद कोयला कारोबारी को पूछताछ के लिए रायपुर बुलाया है।

बताया जा रहा है कि कुछ हफ्ते पहले भी ED की टीम बिलासपुर आई थी। इस दौरान टीम ने कोयला कारोबारी के संस्थान में दबिश दी थी, जहां से उन्होंने नगदी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए थे। इसी के आधार पर दूसरी बार छापेमारी की गई है।

बताया जा रहा है कि, ED की नजर अब बिलासपुर के कई बड़े कारोबारियों और अधिकारियों पर भी है। इनमें प्रॉपर्टी डीलर से लेकर कोयला कारोबारी भी शामिल हैं। इधर, ED की कार्रवाई का साइड इफेक्ट खनिज विभाग के ऑफिस में देखने को मिला। शुक्रवार को जैसे ही अफसरों को कार्रवाई की भनक लगी। अधिकारी अपने काम का बहाना बनाकर दफ्तर से गायब हो गए। इस दौरान उनका मोबाइल भी बंद हो गया। अफसरों के मोबाइल बंद होने पर उनके अधीनस्थ कर्मचारी भी तरह-तरह की चर्चा करते रहे। माना जा रहा है कि छापेमारी में मिले सबूतों के आधार पर आने वाले समय में ED कई अफसरों को अपने रडार में ले सकती है।

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