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जानें क्या बोले ब्रोकरेज- CPI का बेस ईयर बदलने के बीच महंगाई शांत, अब नजर ब्याज दरों पर

CPI का बेस ईयर 2012 से बदलकर 2024 कर दिया गया है। यह बदलाव 2023–24 के घरेलू खपत सर्वे के आधार पर किया गया है, जिससे आज की वास्तविक खर्च आदतों को शामिल किया जा सके। नई सीरीज में ग्रामीण हाउसिंग, OTT सेवाएं और कुछ डिजिटल सामान जोड़े गए हैं, जबकि पुराने हो चुके सामान जैसे VCR, रेडियो और टेप रिकॉर्डर हटा दिए गए हैं।

महंगाई को मापने के तरीके में बड़ा बदलाव हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि नई गणना के बाद भी महंगाई काबू में दिख रही है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI का बेस ईयर बदला गया है, ताकि लोगों के बदलते खर्च के पैटर्न को बेहतर तरीके से दिखाया जा सके। इसके बावजूद जनवरी के आंकड़े बताते हैं कि महंगाई फिलहाल ज्यादा चिंता की वजह नहीं बनी है।

साथ ही कई चीजों की श्रेणी भी बदली गई है। उदाहरण के लिए, तैयार खाना अब “फूड” की जगह “रेस्टोरेंट” कैटेगरी में रखा गया है। इसका असर यह हुआ कि CPI टोकरी में फूड और बेवरेज का हिस्सा करीब 9 प्रतिशत घटकर लगभग 37 प्रतिशत रह गया, हालांकि यह अब भी सबसे बड़ा हिस्सा है। दूसरी तरफ हाउसिंग, रेस्टोरेंट और सूचना सेवाओं का वेट बढ़ा है।

नई सीरीज के तहत जनवरी 2026 में CPI महंगाई करीब 2.8 प्रतिशत सालाना दर्ज की गई, जो उम्मीद के मुताबिक है। फूड महंगाई में हल्की बढ़ोतरी दिखी, लेकिन बाकी मुख्य श्रेणियों में दबाव सीमित रहा। हाउसिंग, हेल्थ, कपड़े और शिक्षा जैसे कोर सेक्टर में महंगाई अभी भी नियंत्रण में बताई गई है।

Nuvama Institutional Equities की रिपोर्ट के मुताबिक नई सीरीज में भी महंगाई का रुझान शांत दिखाई दे रहा है और आने वाले महीनों में भी यह काबू में रह सकती है। हालांकि पुराने और नए आंकड़ों की सीधी तुलना फिलहाल संभव नहीं है, क्योंकि पिछला डेटा नई पद्धति में उपलब्ध नहीं है। फिर भी कोर महंगाई के संकेत बताते हैं कि कीमतों में तेज उछाल की आशंका कम है।

विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई के मौजूदा रुझान से मौद्रिक नीति पर बड़ा दबाव नहीं बनेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है, जिसे आसान मौद्रिक नीति और सरकारी दबाव में कमी से सहारा मिल सकता है। ब्याज दरों में कटौती का बड़ा हिस्सा पहले ही हो चुका है, हालांकि छोटी कटौती की गुंजाइश से इनकार नहीं किया गया है।

 

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