इकोनॉमी
विलियम शेक्सपियर
बखार
बखार में हर रविवार एक कविता पोस्टर के श्रृंखला में आज विलियम शेक्सपियर की कविता “काल और प्रेम” को लिया गया है। जहाँ तक मुझे याद है कि बच्चे को वाहवाही मिलने जैसा पहला शबीह चित्र भी मैने इनका ही बनाया था।

शेक्सपियर शब्द ही उनके परिचय के लिए काफी है अत: हम सीधे उनके कविता और उसी भाव को स्पर्श करती रेखाओं की ओर रुख करते हैं, आइए इस यात्रा के सहभागी बनिए और अपने विचारों से अवगत भी कराइये। इंतज़ार रहेगा।

















