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… तो छत्तीसगढ़ में अब नहीं हैं राष्ट्रीय स्तर के कांग्रेस नेता ….

रायपुर (प्रमोद शर्मा) । लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया। इस फेरबदल से मोतीलाल बोरा, गुलाब नबी आजाद, अंबिका सोनी और मल्लिकार्जुन खड़के को महासचिव पद से मुक्त कर दिया गया। 57 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारीरिणी में छत्तीसगढ़ के किसी भी कांग्रेस नेता को शामिल नहीं करने का मतलब यही हुआ कि अब प्रदेश में कांग्रेस के लिए कोई राष्ट्रीय नेता नहीं है। पीएल पुनिया को प्रदेश प्रभारी से मुक्त करने की चर्चा कांग्रेसी करते रहे लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ और श्री पुनिया फिर से छत्तीसगढ़ के प्रभारी बनाए गए हैं।

कांग्रेस संगठन ने फेरबदल को लेकर कई दिनो से चर्चाएं चल रहीं थी। संगठनात्मक बदलाव की मांग करते हुए 23 नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा और उसके बाद जब ऑनलाइन बैठक हुई। बैठक में पत्र का मुद्दा छाया रहा। इसके बाद से यह माना जा रहा था कि जल्द ही फेरबदल होने वाला है और पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में से ज्यातर की छुट्‌टी हो जाएगी। कल के फेरबदल में ऐसा ही हुआ। बदलाव का झंडा उठाने वाले उन सभी नेताओं को किनारे कर दिया गया। इन नेताओं की मांग पर विशेष समिति का गठन जरूर किया गया। यह विशेष समिति पार्टी के संगठन एवं कामकाज से जुड़े मामलों में सोनिया गांधी का सहयोग करेगी। इस विशेष समिति में एके एंटोनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं को आश्चर्य भी हुआ और मायूसी भी की। 57 सदस्यीय कार्यकारीणी में किसी को भी शामिल नहीं किया गया। पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ में राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में ताम्रध्वज साहू अभी हैं। इसके अलावा टीएस सिंहदेव, सत्यनारायण शर्मा, मोहम्मद अकबर जैसे कई नेताओं का नाम लिया जा रहा था। राष्ट्रीय राजनीति में लंबे समय तक दस जनपद के विश्वासपात्र रहे मोतीलाल बोरा की अब बिदाई तय है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पद से उनको मुक्त किया गया है। इसके पहले वे राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष थे।

विशेष समिति में शामिल होने वाले सुरजेवाला और तारीख अनवर को महासचिव नियुक्त किया गया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारियों की नियुक्ति भी की गई है। इस नियुक्ति में पीएल पुनिया भी शामिल हैं जो छत्तीसगढ़ के प्रभरी बने रहेंगे। कांग्रेस खेमें में इस बात की चर्चा थी कि फेरबदल में छत्तीसगढ़ से पुनिया को मुक्त किया जाएगा। इसके पीछे भी कारण गिनाए जा रहे थे लेकिन ऐसा कुछ नहीं ह़आ। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के लिए मुकुल वासनिक को प्रभारी बनाया गया है। जतिन प्रसाद वेस्ट बंगाल अंडमान और निकोबार के प्रभारी होंगे। क्रिकेट में लंबे समय तक हाथ आजमाने वाले  वरिष्ठ पत्रकार राजीव शुक्ला की वापसी हुई है। उन्हें हिमाचल प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। भक्त चरण दास अब मिजोरम और मणिपुर के प्रभारी होंगे। शेष प्रभारियों की सूची इस तरह से है ….

 

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