लखनऊ/उत्तरप्रदेश

सुबह नहीं सुनाई देगा मंगलाचरण, श्रीकृष्ण जन्मस्थान की चोटी पर लगा लाउडस्पीकर बंद, CM योगी के आदेश का असर …..

मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया था कि धर्म स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज उतनी ही रखी जाए कि धर्म स्थल से बाहर न जाए। इस आदेश के बाद बुधवार को श्री कृष्ण जन्मस्थान की चोटी पर लगा लाउडस्पीकर संस्थान ने बंद कर दिया। भगवत भवन से इस लाउडस्पीकर के जरिए सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक मंगलाचरण और विष्णु सहस्त्रनाम पाठ चलता था। श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश का सम्मान करते हुए उन्होंने और संस्थान के वरिष्ठ सदस्य गोपेश्वर चतुर्वेदी ने मंगलवार रात को विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया कि कृष्ण जन्म स्थान की चोटी पर लगा हुआ लाउडस्पीकर बंद कर दिया जाए।

सीएम योगी आदित्‍यनाथ के आदेश का असर मथुरा में श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान पर देखने को मिला है। श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान की चोटी पर लगा लाउडस्‍पीकर बुधवार की सुबह से बंद कर दिया गया। इस लाउडस्‍पीकर से रोज सुबह 5:30 से 6:30 बजे तक मंगलाचरण आरती और विष्‍णु सहस्‍त्रनाम पाठ चलता था। अब यह सुनाई नहीं देगा।

कपिल शर्मा ने बताया कि मंदिर के अंदर स्पीकर पर जो भजन चलते हैं, वे कम आवाज में (जो मंदिर के अंदर ही रहे, बाहर ना जाए) चलाए जाएंगे। श्री कृष्ण जन्मस्थान की चोटी का लाउडस्पीकर सुबह न चलने से जगन्नाथ आसपास के इलाके जगन्नाथ पुरी गोविंद नगर के लोगों ने कृष्ण जन्म स्थान पर फोन कर इसके बारे जानकारी ली।

धार्मिक प्रवृत्ति के लोगों का जन्म स्थान से कहना था कि सुबह-सुबह उन्हें मंगलाचरण और विष्णु सहस्त्रनाम सुनना अच्छा लगता था लेकिन जन्म स्थान से उन्हें बताया गया कि किसी को परेशानी न हो इसे ध्यान में रखते हुए लाउडस्‍पीकर बंंद कर दिया गया है।

इसके पहले सोमवार को यूपी में बिना मंजूरी शोभायात्रा और जुलूसों पर रोक लगा दी गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट हिदायत दी थी कि किसी शोभायात्रा या धार्मिक जुलूस को अनुमति देने से पूर्व आयोजक से शांति-सौहार्द कायम रखने के संबंध में शपथ पत्र भी लिया जाए। अनुमति केवल उन्हीं धार्मिक जुलूसों को दिया जाए, जो पारंपरिक हों। नए आयोजनों को अनावश्यक अनुमति न दी जाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने कमिश्नर से लेकर थानाध्यक्ष स्तर तक के सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अवकाश चार मई तक के लिए तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं।

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