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रेपिस्ट संत आसाराम बापू की सजा के निलंबन की अपील हाईकोर्ट में खारिज, कहा- ठीक होते ही जेल भेजा जाए…

जयपुर । राजस्थान हाईकोर्ट ने रेपिस्ट संत आसाराम बापू की सजा को निलंबित करने की अर्जी को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने जेल प्रशासन को आदेश दिया है कि आसाराम को ठीक होते ही वापस जेल में लाया जाए। अदालत ने आसाराम की अधिक उम्र को देखते हुए सही इलाज, उचित डाइट और सुरक्षित माहौल देने का भी आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि जोधपुर स्थित एम्स की ओर से दी गई मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर आसाराम को इलाज मुहैया कराया जाना चाहिए। जस्टिस संदीप मेहता और देवेंद्र कछवाह की अदालत ने कहा, ‘यह सुनिश्चित किया जाए कि आसाराम को सही इलाज, माहौल और डाइट मिले। इसके अलावा ठीक होते ही उसे वापस जेल में लाया जाए।’

नाबालिग लड़की से रेप के मामले में रेपिस्ट संत आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। पिछले ही दिनों आसाराम ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी कि उसे कई बीमारियां हैं और वह एलोपैथिक पद्धति से इलाज नहीं कराना चाहता। आसाराम का कहना था कि उसे उसके आश्रम में रहने का मौका दिया जाए, जहां वह आयुर्वेदिक पद्धति से अपना इलाज कराएंगे। इसी बीच 5 मई को आसाराम को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, जिसके चलते उसे एम्स में एडमिट कराया गया था। आसाराम के वकील जेएस चौधरी ने कहा कि उसे जोधपुर स्थित पाल गांव में अपने आश्रम में रहने दिया जाए। वहां उसके अनुयायियों की ओर ओर से मेडिकल फैसिलिटी विकसित करने की अनुमति दी जाए।

आसाराम के वकील ने कहा कि इलाज के लिए उनकी सजा को निलंबित कर दिया जाए। इसके लिए वह किसी शर्त को स्वीकार करने के लिए तैयार है। हालांकि कोर्ट ने रेप के दोषी आसाराम की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने आसाराम की मांग को खारिज कर दिया और कहा कि उसे आंतों में समस्या है। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक हालत स्थिर है और इस समस्या का इलाज जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में भी उपलब्ध है। इसके अलावा सजा के निलंबन की मांग को लेकर कोर्ट ने कहा कि आसाराम पर गुजरात से जुड़ा एक मामला भी चल रहा है। इसमें भी वह रेप का आरोपी है। ऐसे में उसकी सजा को निलंबित नहीं किया जा सकता।

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