उतराखंड

बिहार के 2000 पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों पर होगा एक्शन, बिना काम किए उठा रहे थे भारी भरकम सैलरी …

पटना। बिहार में वो सब संभव है जो कहीं नहीं हो सकता। बिहारी बाबू बिना काम किए ही फोकट में हर महीना भारी भरकम तन्ख्वाह अपनी जेब में डाल रहे थे। इसका खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया और जिम्मेदार ने अपना पल्ला झाड़ते हुए जांच कराने का आदेश दे दिया। अब 2000 पोस्ट ऑफिस में काम करने वाले बिहारी बाबुओं पर तलवार चलने की तैयारी शुरू हो गई है।

बिहार के डाक विभाग के करीब दो हजार कर्मचारी बिना अटेंडेंस लगाए सैलरी उठा रहे हैं। विभाग ने ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सभी पोस्ट ऑफिसों में तैनात कर्मचारियों को ऑनलाइन अटेंडेंस लगाना अनिवार्य है। मगर सैकड़ों कर्मचारी इससे बच रहे हैं।  वहीं, कुछ ऐसे हैं जो ग्रामीण इलाकों में अपनी ड्यूटी समय पर नहीं निभा रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए शॉकोज नोटिस जारी किया गया है।

बिहार पोस्टल सर्कल ने संभाग प्रमुखों को उन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, जो डिजिटल अटेंडेंस लगाए बिना सैलरी पा रहे हैं या ग्रामीण क्षेत्रों में अपने निर्धारित डाकघरों को समय पर चलाने में विफल रहे हैं। सर्कल के वित्तीय सेवा प्रभाग द्वारा किए गए आंतरिक मूल्यांकन के अनुसार, 13 जुलाई को 2,000 से ज्यादा कर्मचारियों ने डाक विभाग के आधिकारिक नेटवर्क पर लॉग इन नहीं किया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 1086 डाकघर चालू नहीं पाए गए।

सर्कल ऑफिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी संभागीय कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि जो कर्मचारी अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया जाए। अधिकारियों को यह पता लगाने के लिए कहा गया है कि क्या ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ डाकघर वास्तव में काम नहीं कर रहे हैं या फिर इसके पीछे तकनीकी कारण हैं।

अधिकारी ने बताया कि राज्य भर में डाकघरों में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम 2018 के तहत डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई थी। हालांकि कर्मचारी इस व्यवस्था को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, अब भी हजारों कर्मचारी मैनुअली काम कर रहे हैं। जिससे विभाग को यह जानने में परेशानी होती है कि क्या वे वाकई काम कर रहे हैं या नहीं।

उन्होंने कहा कि मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल (सीपीएमजी) कार्यालय से लिखित निर्देश नहीं होने से दोषी कर्मचारियों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई नहीं हो पाई। इस महीने की शुरुआत में सीपीएमजी दफ्तर को पत्र लिखकर गैर जिम्मेदारीके लिए सर्कल कार्यालय को रोक दिया गया था। इस महीने की शुरुआत में सीपीएमजी कार्यालय को पत्र लिखकर कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन की अनुमति मांगी गई।

हालांकि, उसका अभी तक जवाब नहीं आया है। मगर बिहार पोस्टल सर्कल ऑफिस एक्शन मोड में आ गया। डाक विभाग ने स्थानीय स्तर पर डाकघरों की टाइमिंग का मूल्यांकन किया गया। इसमें सामने आया कि दूर-दराज क्षेत्रों में स्थित अधिकांश पोस्ट ऑफिस समय पर काम नहीं कर रहे हैं।

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