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कोरोना की पाबंदियों के दो साल बाद शिमला, मनाली और धर्मशाला सैलानियों से पैक, अटल टनल से 12 हजार वाहन आर-पार …

शिमला । 15 अप्रैल से समर सीजन शुरू होते ही न्यू ईयर सेलिब्रेशन की तरह इस वीकेंड सैलानियों की भीड़ उमड़ी है। होटल, होम स्टे और पार्किंग पैक हैं। बाजारों में सेल दोगुनी हो गई है। साइट सीन के लिए टैक्सियां कम पड़ गई हैं। कोरोना काल के बाद सैलानियों की आमद में बूम आने से कारोबारी उत्साहित हैं। राजधानी में शिमला के अलावा मशोबरा, नालदेहरा, कुफरी, चायल और नारकंडा के होटल एडवांस बुक हो चुके हैं। 

इस वीकेंड न्यू ईयर सेलिब्रेशन के मौके जैसी सैलानियों की भीड़ उमड़ी है। 15 अप्रैल को शिमला में करीब 100 करोड़ के पर्यटन कारोबार का अनुमान है। इसमें होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी सहित पर्यटन से जुड़े अन्य वर्गों का कारोबार शामिल है।

मैदानी राज्यों में प्रचंड गर्मी की वजह से हिल्सक्वीन शिमला, मनाली, लाहौल और धर्मशाला में इस वीकेंड भारी संख्या में सैलानी उमड़े हैं। बीते 31 दिसंबर के बाद 14 अप्रैल को एक ही दिन में शोघी बैरियर से करीब 6,000 पर्यटक वाहन राजधानी में दाखिल हुए हैं। मनाली में 2,200 पर्यटक वाहन पहुंचे हैं जबकि अटल टनल से 24 घंटों के भीतर 12,849 वाहन आर-पार हुए हैं। कांगड़ा के धर्मशाला में भी होटलों में 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी है।

पार्किंगों में गाड़ियां खड़ी करने की जगह नहीं है, जिससे जाम लग रहा है। लिफ्ट पार्किंग का टेरेस फ्लोर भी पैक है। मालरोड, लोअर बाजार और लक्कड़ बाजार में खरीदारी बढ़ने से कारोबार में तेजी आई है। लिफ्ट के पास फल बेचने वाले मुहम्मद राशिद ने बताया है कि हफ्ते पहले रोजाना 500 से 700 की सेल होती थी। अब यह 1500 रुपये पहुंच गई है। व्यापार मंडल अध्यक्ष हरजीत सिंह मंगा ने बताया कि न्यू ईयर के बाद इस हफ्ते बंपर सैलानी पहुंचे हैं। होटिलियर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने बताया कि दो दिन से अधिकतर होटल पैक हैं। विशाल हिमाचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के महासचिव मदन बंसल ने बताया कि टैक्सियों की मांग दोगुनी हो गई है। जाम की वजह से परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।

शिमला में साइट सीन के लिए टैक्सियां नहीं मिल पा रही हैं। दोपहर 12 बजे तक अधिकतर टैक्सियां साइट सीन के लिए रवाना हो रही हैं। इसके बाद टैक्सियाें का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। साइट सीन से जो गाड़ियां शाम 4:00 बजे तक लौट आती थीं, अब वे रात 8:00 बजे तक लौट रही हैं।

मंडी जिला की सबसे ऊंची चोटी शिकारी देवी और कमरुनाग वीकेंड पर पर्यटकों से गुलजार हो गए हैं। दो दर्जन से अधिक होम स्टे और होटल पैक हैं। पर्यटकों के पहुंचने से होटल, चाय, ढाबा मालिकों और अन्य व्यवसायियों की चांदी हो गई है। प्रदूषण से दूर सराज घाटी के पर्यटन स्थल अब बाहरी पर्यटकों को भाने लगे हैं।

ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के महासचिव मनु सूद ने कहा कि इस वीकेंड न्यू ईयर सेलिब्रेशन के मौके जैसी सैलानियों की भीड़ उमड़ी है। बीते 31 दिसंबर को 100 करोड़ का कारोबार हुआ था, जिस पर सरकार को करीब 20 से 25 करोड़ जीएसटी मिला था। सूद ने कहा कि जैसी भीड़ उमड़ी है, उससे 15 अप्रैल को शिमला में करीब 100 करोड़ रुपये के पर्यटन कारोबार का अनुमान है। इसमें होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी सहित पर्यटन से जुड़े अन्य वर्गों का कारोबार शामिल है।

बंजार, मणिकर्ण, मनाली, कोठी, मढ़ी, गुलाबा के अलावा लाहौल की वादियां भी पर्यटकों से गुलजार हैं।  होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष मुकेश ठाकुर और कारोबारी गौतम ठाकुर ने कहा कि सैलानियों से मनाली पूरी तरह से पैक है। पर्यटक अटल टनल रोहतांग के साथ चंद्रा घाटी, सिस्सू झील, जिला मुख्यालय केलांग, जिस्पा व दारचा की सुंदर वादियों को निहार रहे हैं।

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