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बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत की वजह कई हैं …

भोपाल। सागर जिले के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पिछले तीन महीनों में करीब 92 बच्चों  की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे और प्रशासन सकते में आ गया है लेकिन इन मौतों की असली वजह अभी सामने आना बाकी है। मेडिकल कॉलेज जहाँ इन मौतों के लिए डॉक्टरों की कमी, दूसरे अस्पतालों से रैफर होकर नवजात बच्चों  का आना, कम वजन के बच्चे पैदा होना, साथ ही एक कारण मेडिकल कॉलेज में बच्चों के वार्डों का अप्रैल माह में शुरू होना बता रहा है।

वहीं इन सब इतर मासूमों की मौत की कुछ बड़ी वजह जो हमें सूत्रों के हवाले से मिली है वो है सीनियर डॉक्टरों की लापरवाही। जी हाँ सूत्रों की माने के मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए शुरू हुए NICU, PICU वार्ड की शुरुआत कोविड काल यानी साल 2020 के अप्रैल महीने में हुई। कोविड 19 के चलते इन वार्डों से कुछ डॉक्टर की ड्यूटी लगातार कोविड वार्ड में लगाई गयी। बाकि वार्ड जहाँ सीनियर डॉ और जूनियर डॉ के जिम्मे होना था लेकिन इस वार्ड में सीनियर डॉ की ड्यूटी नहीं लगाई गयी। बच्चों के इस वार्ड के HOD आशीष जैन और एसोसिएट प्रोफेसर शालनी हजेला और डॉ पिप्पल इस वार्ड के जिम्मेदार डॉ है लेकिन यहाँ सवाल ये उठते है कि क्या सीनियर डॉक्टर बच्चों  के वार्ड में उन्हें देखने या राउंड लगाने एक भी बार गए है ? क्या इन्होंने इन बच्चों  की फाइल में सीनियर डॉक्टरों ने एक भी नोट्स छोड़ा है? या सबसे एहम सवाल क्या बच्चों का ये वार्ड सिर्फ जूनियर ड्रॉक्टरों के भरोसे चलता आ रहा है ?

इन सभी बिन्दुओं पर भी जांच होना बेहद जरुरी है। साथ ही ये भी पता लगाना जरुरी है की आखिर संयुक्त संचालक को लिखा गया ये लेटर लीक कैसे हुआ या जान पूछ कर किया गया है। क्योंकि हमारे पास जो जानकारी है उसके मुताबिक कोविड 19 की ड्यूटी से बचने के लिए बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया है। ये हम इसलिए कह रहे हैं उसके पीछे की वजह वो कथित लेटर ही है – आप अगर गौर से पढ़ें तो उस लेटर में लिखा है – ये बड़ी बिडंबना है कि जिस किसी भी समय विभाग के लगभग आधे चिकित्सक शिशु स्वास्थ्य विभाग कोविड वार्ड में ड्यूटी कर रहे होते है जिससे PICU व NICU में भर्ती गंभीर बच्चों को उपचार प्रदान करने की कठिनाइयां हो रही हैं। अतः आप से निवेदन है कि शिशु स्वास्थ्य विभाग के चिकत्सकों की ड्यूटी कोविड से हटा दीजिए ताकि PICU व NICU में शिशुओं/बच्चों  को उचित उपचार मिलना जरी रह सके।

अब हम आपको एक और हकीकत से रूबरू करवाते हैं। लेटर में जो बात लिखी है कि ज्यादातर डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड वार्ड में है लेकिन सूत्रों की माने तो BMC के NICU PICU वार्ड से ज्यादातर तीन डॉक्टर अंकित जैन, अजित असाटी और भीकम पटेल की ड्यूटी कोविड वार्ड में लगाई गयी है जबकि कई डॉक्टरों या तो न के बरार या बहुत कम ड्यूटी लगाई गयी। इतना ही नहीं जिन सीनियर डॉक्टर को इन बच्चों का इलाज करने उन्हें देखने जाना था वो वहां राउंड पर गए ही नहीं। इसका सबसे बड़ा सबूत इस वार्ड में लगे CCTV कैमरे हैं। इन फुटेज की भी जांच होनी चाहिए।

सागर में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज से आम लोगों की बड़ी उम्मीद यही लेकिन जब अस्पताल में डॉक्टर या फिर जिम्मेदार ही अपना कर्तव्य नहीं निभायेंगे तो कैसे हम उम्मीद करेंगे कि ये अस्पातल हमारे लिए वरदान है या अभिशाप।

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