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एक और केस में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव दोषी करार, डोरंडा कोषागार में 140 करोड़ का किया था घोटाला …

रांची। चारा घोटाले से जुड़ी सबसे बड़ी 139.35 करोड़ रुपए अवैध निकासी के मामले में CBI स्‍पेशल कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला आखिरकार आज आ गया। CBI स्‍पेशल कोर्ट ने लालू यादव समेत 75 आरोपियों को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश एसके शशि ने मामले में छह महिलाओं समेत 24 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। दोषी करार दिए जाने के बाद सजा पर बिंदुवार बहस चल रही है। कोर्ट ने 36 आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। लालू प्रसाद यादव सहित 39 आरोपियों की सजा पर फैसला 21 फरवरी को आएगा। गौरतलब है कि करोड़ों रुपयों के चारा घोटाले से जुड़े पांच में से चार मामलों में लालू यादव को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है।

कोर्ट का फैसला आते ही बाहर मौजूद राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई। कई नेता और कार्यकर्ता रोने लगे। सुनवाई और फैसला सुनाए जाते समय लालू यादव की बेटी और सांसद मी‍सा भारती उनके साथ मौजूद रहीं। लालू के साथ इस केस के 98 अन्‍य आरोपियों पर आज फैसला आया है। सीबीआई कोर्ट में जज एसके शशि के फैसले को सुनने के लिए लालू यादव उनके ठीक सीधे बैठे हुए थे। कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई। सबसे पहले एक-एक कर सभी अभियुक्‍तों की हाजिरी लगाई गई। कोर्ट ने इन सभी को फैसले के वक्‍त मौजूद रहने को कहा था। इनमें से ज्‍यादातर आरोपी 75 की उम्र पार कर चुके हैं। बहुचर्चित चारा घोटाला में झारखंड के डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपए की अवैध निकासी को लेकर आज आने वाले फैसले को सुनने के लिए लालू यादव रविवार को ही पटना से रांची आ गए थे। रांची पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्‍वागत किया। लालू को अब तक करोड़ों रुपयों के चारा घोटाले से जुड़े पांच में से चार मामलों में दोषी ठहराया जा चुका था। पांचवें मामले में आज फैसला आया। लालू को चारा घोटाले के चार मामलों-देवगढ़, चाईबासा, रांची के डोरंडा कोषागार और दुमका मामले में जमानत मिल गई थी।

लालू प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री रहते 1990 से 95 के बीच बिहार के सरकारी खजाने के पशु चारा के नाम पर 950 करोड़ की अवैध निकासी हुई थी। इसका खुलासा 1996 में हुआ और जांच बढ़ने के साथ लालू प्रसाद पर आंच आ गयी। झारखंड में चारा घोटाले के कुल पांच मुकदमों में लालू प्रसाद यादव अभियुक्त बनाये गये। इनमें से चार मामलों में कोर्ट का फैसला आ चुका है। इन सभी मामलों में अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। चारा घोटाले के सबसे बड़े और पांचवें मामले में आज फैसला आने वाला है। यह केस रांची के डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है। इस मामले में शुरूआत में कुल 170 लोग आरोपी थे जिनमें से 55 आरोपियों की अबतक मौत हो चुकी है। जबकि सात आरोपी इस कांड के सरकारी गवाह बन गए। इस कांड के 6 आरोपी अभी भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। आज मामले के 99 आरोपियों पर सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

लालू प्रसाद रविवार को ही कोर्ट का फैसला सूनने के लिए रांची पहुंच गए थे। वह स्‍टेट गेस्‍ट हाउस में ठहरे थे जहां मंगलवार की सुबह से ही राजद के तमाम वरिष्‍ठ नेताओं का जमावड़ा लगा था। लालू प्रसाद की बेटी सांसद मीसा भारती भी वहीं उनसे मिलने पहुंचीं थीं जो फैसला सुनाए जाने के समय लगातार उनके साथ रहीं।

लालू यादव का परिवार और समर्थक लगातार उम्‍मीद जता रहे थे कि सीबीआई कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आएगा। समर्थकों का कहना था कि लालू यादव की बड़ी उम्र और पूरे केस के दौरान सामने आए तथ्‍यों के आधार पर कोर्ट उन्‍हें राहत देगी। लालू के वकीलों का कहना था कि वह बीमार हैं। इसके अलावा उन्‍होंने कभी भी न्‍यायालय के आदेशों या कानूनी प्रक्रिया का उल्‍लंघन नहीं किया है। उम्र, स्‍वास्‍थ्‍य और अन्‍य पहलुओं को ध्‍यान में रखते हुए भरोसा है कि कोर्ट लालू यादव को राहत देगी।

24 लोगों को इस मामले में बरी किया गया है। बरी होने वालों में राजेंद्र पांडेय, साकेत बिहारी लाल, दीनानाथ सहाय, राम सेवक, ऐनल हक, सनाउल हक, मो हुसैन, कलशमनी कश्यप, बलदेव साहू, रंजित सिन्हा,अनिल सिन्हा, अनिता प्रसाद, रमावतार शर्मा, चंचल सिन्हा, रामशंकर सिंह, बसंत सिन्हा, क्रांति सिंह, मधु मेहता शामिल हैं।

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