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बीजेपी शासन में डॉक्टरों के ट्रांसफर में भारी गड़बड़ी, गलत रिपोर्ट भेजने पर अयोध्या समेत 22 सीएमओ को नोटिस, होगी बड़ी कार्रवाई ….

लखनऊ। भाजपा शासन की ओर से जून माह में जारी की गई तबादला नीति के तहत जिले में किए गए डॉक्टरों के ट्रांसफर में भारी खेल किया गया। सीएमओ कार्यालय से शासन को भेजी गई डॉक्टरों की रिपोर्ट में भारी हेराफेरी की गई। जो डॉक्टर 10 साल से अधिक समय से जनपद में कार्यरत हैं उनको तीन वर्ष कार्य करते बताया गया है। कई डॉक्टर 10 साल से अधिक समय से एक ही सीएचसी पर कार्यरत हैं। यही नहीं लेबल टू व थ्री के चिकित्सा अधिकारियों का सीएमओ स्तर से स्थानान्तरण कर दिया गया। जब कि उनका स्थानान्तरण शासन से किया जाता है। स्थानान्तरण में की गई गड़बड़ियों को लेकर निदेशक प्रशासन राजा गणपति ने सीएमओ अयोध्या सहित प्रदेश के 22 सीएमओ व सात अस्पतालों के निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

स्वास्थ्य विभाग में किए  गए स्थानानतरण में जम कर फर्जीवाड़ा किया गया। जिसकी गूंज शासन तक पहुंच गई है। निदेशक प्रशासन राजा गणपति ने जब भेजी गई स्थानान्तरण सूची की जांच करायी तो अयोध्या सहित कई जनपद में भारी अनियमिता मिली। इसे लेकर निदेशक प्रशासन ने सीएमओ अयोध्या से जवाब तलब किया है। स्वास्थ्य विभाग में किए गए लगभग सभी स्थानान्तरण में जमकर खेल किया गया। सीएचसी मसौधा पर कार्यरत एक चिकित्सक लगभग 10 वर्ष से एक ही स्थान पर नियुक्त है। किन्तु शासन को जो सूची भेजी गई उसमें उसे तीन वर्ष से नियुक्त बताया गया है। इसी प्रकार सीएचसी मिल्कीपुर प्रभारी अहमद हसन किदवई जो लगभग 10 वर्ष से एक ही सीएचसी पर नियुक्त हैं।

उनका कहीं अन्यत्र स्थानान्तरण नही किया गया। इसी प्रकार सीएचसी खण्डासा के अधीक्षक डा.संतोष कुमार भी कई वर्षों से खण्डासा सीएचसी का कार्यभार देख रहे हैं। रुदौली सीएचसी पर नियुक्त डा. मदन बरनवाल लगभग 10 वर्ष से इसी क्षेत्र में नियुक्त हैं। उनका गैर जनपद स्थानान्तरण होना था। किन्तु शासन को गुमराह कर दोबारा सीएचसी रुदौली का प्रभारी बन गए।

सीएचसी मवई में अधीक्षक रहे डा. रविकांत वर्मा को गैर जनपद भेजा जाना था किन्तु उन्हें उसी सीएचसी पर समायोजित कर प्रभारी से हटाकर चिकित्सक के रूप में रख लिया गया।

सीएचसी प्रभारी बीकापुर को भी सात वर्ष से अधिक जनपद में सेवा देते हो गया है किन्तु उनका स्थानान्तरण कहीं नही किया गया। सीएचसी पूरा बाजार में नियुक्त डा. अमित कुमार भी काफी समय से एक ही स्थान पर प्रभारी बने हैं। उनको स्थानान्तरण नहीं किया गया। तुलसी महिला चिकित्सालय में कार्यरत डा. रीना सिंह, जिला चिकित्सालय में कार्यरत डा. वेद प्रकाश सिंह लम्बे समय से अयोध्या जनपद में हैं। उनका गैरजनपद स्थानान्तरण होना था किन्तु उनका स्थानान्तरण नही किया गया। इसी प्रकार कई अन्य चिकित्सकों के स्थानान्तरण में भी हेराफेरी की गई है। सीएमओ कार्यालय की मिली भगत से शासन को गुमराह किया गया है।

सीएमओ डॉ.एके राजा स्थानान्तरण को लेकर कुछ भी नहीं कहना चाहते हैं। उन्होंने बात करने के लिए फोन रिसीव नहीं किया। फिर भी शासन की ओर से प्रदेश के लगभग 29 जनपदों में हेराफेरी की बात सामने आई है। जिन जनपदों में शासन को गुमराह करने वाली रिपोर्ट भेजी गई है उसमें अयोध्या जनपद भी शामिल है। यह माना जा रहा है कि स्थानान्तरण में किए गए भ्रष्टाचार को लेकर सीएमओ पर शासन का सिकंजा कसने वाला है। देर सबेर सीएमओ अयोध्या पर शासन की गाज गिर सकती है।      

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