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यूपी में एक व्यक्ति की मंथली इनकम मात्र 4 रुपए, प्रमाणपत्र देखकर घूम गया तहसीलदार का भी सिर, जानें पूरा मामला …

पीलीभीत। भारत आज डिजिटलीकरण की ओर तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटलीकरण से बहुत से काम आसान हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ इसके कुछ साइड इफेक्ट भी हैं। डिजिटल काम के दौरान यूपी में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिससे अफसर व कर्मचारियों के होश उड़ गए हैं। अब वे ऑनलाइन जारी किए गए प्रमाण पत्र को रद्द करने में जुट गए हैं। मामला है उत्तरप्रदेश के पीलीभीत जिले का। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में राजस्व विभाग ने एक अजब कारनामा कर दिया। एक व्यक्ति का आय प्रमाण पत्र महज 4 रुपए महीने का बन गया। यानी व्यक्ति की सालाना आय 48 रुपए मात्र है। अब अधिकारी प्रमाण पत्र को निरस्त करने में जुटे हैं।

बीसलपुर तहसीलदार आशुतोष कुमार ने बताया कि गांव अजुर्नपुर के रहने वाले बाबू राम ने कुछ दिनों पहले अपना आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए एक साइबर कैफे पर ऑनलाइन आवेदन किया था। ऑनलाइन आवेदन में ग्रामीण ने 4000 रुपए मासिक और 48 हजार रुपए वार्षिक आय होने का प्रमाण दिया था लेकिन 19 दिसंबर को तहसीलदार आशुतोष कुमार के हस्ताक्षर से एक आय प्रमाण पत्र जारी किया गया जिसमें 4 रुपए मासिक आय और 48 रुपए वार्षिक आय दिखाई गई।

तहसील प्रशासन से प्रमाणित प्रमाण पत्र में तहसीदार आशुतोष कुमार के हस्ताक्षर भी मौजूद थे। साथ में यह भी कहा गया कि यह 3 वर्ष तक ही मान्य होगा। जब यह प्रमाण पत्र ग्रामीण के हाथ गया तो वह देखकर हैरान हो गया। ग्रामीण ने जब प्रमाण पत्रों को राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिखाया तो अधिकारी भी प्रमाण पत्र देखकर हतप्रभ रह गए और मामले को छुपाने में लग गए।

तहसीलदार आशुतोष कुमार ने कहा कि बाबूराम का आय प्रमाण पत्र 4 हजार रुपए मासिक और 48 हजार रुपए वार्षिक का बनाया गया था, लेकिन तकनीकी वजह से गलत आय प्रमाण पत्र जारी हो गया है। कलेक्टर कायार्लय को पत्र भेजकर आय प्रमाण पत्र को निरस्त कराने की अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही गलत प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया जाएगा और उसके स्थान पर सही प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

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