नई दिल्ली

…तो कई नेताओं को लेना होगा रिटायरमेंट, लोकभवन में 11 किसानों को सुनने के बाद बोले CM आदित्यनाथ …

लखनऊ। सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में गन्‍ना किसानों को शुगर मिलों का शेयर होल्‍डर बनने का अभियान शुरू किया। इस मौके पर 11 किसान वक्‍ताओं को सुनने के बाद उन्‍होंने उनकी जमकर तारीफ की। सीएम मुस्‍कुराते हुए बोले-‘आप ऐसा बोलने लगेंगे तो मुझे लगता है देश के तमाम नेताओं को रिटायरमेंट की तरफ जाना पड़ जाएगा।’

सीएम ने कहा कि अब यूपी की शुगर मिलें आपकी भी हैं। प्रदेश में पहली बार सरकार 50.10 लाख गन्‍ना किसानों को अंशधारक प्रमाण पत्र (शेयर सर्टिफिकेट) दे रही है। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने इसकी शुरुआत की।

सीएम ने किसानों से कहा-‘ यहां पर लगभग 11 किसान भाइयों-बहनों ने अपनी बात रखी। कोई कह ही नहीं सकता कि किसान हैं। यानी किसान तो हैं लेकिन जिस वाकपटुता का परिचय उन्‍होंने दिया वो अत्‍यंत अभिनंदनीय है। मुझे लगता है कि आप ऐसे बोलने लग जाएंगे तो तमाम नेताओं को रिटायरमेंट की ओर जाना पड़ेगा फिर तो। आप बोल रहे थे क्‍योंकि आप उस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। आपको इस क्षेत्र की व्‍यवहारिक जानकारी है। स्‍वाभाविक रूप से शासन-सत्‍ता में जो लोग बैठे होते हैं उन्‍हें व्‍यवहारिक कम सैद्धांतिक ज्‍यादा जानकारी होती है।’

सीएम योगी ने कहा कि पहले यूपी में गन्‍ना माफिया हावी थे। किसानों को मिलों पर पर्ची नहीं मिल पाती थी। आज ऐसा नहीं है। तकनीक के साथ किसानों को जोड़कर एक व्‍यवस्‍था बना दी गई। पर्ची हो न हो स्‍मार्ट फोन तो है। पीएम मोदी इसीलिए कहते हैं कि भ्रष्‍टाचार खत्‍म करना है तो तकनीक अपनाओ। गन्‍ना विभाग ने यह तकनीक इसीलिए अपनाई ताकि किसानों को भ्रष्‍टाचार का शिकार न होना पड़े। कोरोना काल में यदि हम तकनीक लागू न करते तो चीनी मिलों को चला पाना मुश्किल था। महराष्‍ट्र से लेकर ब्राजील तक की तमाम चीनी मिलें बंद हो गईं।

योगी सरकार की योजना के मुताबिक प्रदेश के 40 जिलों की 168 सहकारी गन्ना विकास समितियों और 24 सहकारी चीनी मिल समितियों से आने वाले गन्ना किसानों को प्रमाणपत्र दिया जा रहा है। ये सभी किसान सहकारी चीनी मिल और सहकारी गन्ना समितियों के शेयर-होल्डर हैं। लोकभवन में सुबह 11 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में एक महिला किसान ने गाना गाया। इस मौके पर एक प्रजेंटेशन भी दिखाया गया। बता दें कि लोकभवन में सीएम योगी तो प्रदेश के 40 जिला मुख्‍यालयों पर डीएम और सीडीओ किसानों को शेयर सर्टिफिकेट दे रहे हैं। विभागीय व्यवस्था के मुताबिक कोई भी गन्ना किसान 200 रुपए की फीस जमाकर विभाग में शेयर धारक हो सकता है।

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