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कोमार्बिड प्रतिमा शुक्ला और उनके परिवार ने चिकित्सकों के सामयिक इलाज की मदद से कोरोना को दी मात …

बिलासपुर । कोविड संक्रमण के लक्षण आने पर समय पर टेस्ट कराने और चिकित्सकों के सामयिक इलाज और मार्गदर्शन में अपनी दिनचर्या तय कर सकारात्मक सोच से कोविड-19 वायरस से मुक्ति पाई जा सकती है। इस बात को 45 वर्षीय एस ई सी एल कर्मी प्रदीप शुक्ला, उनकी पत्नी प्रतिमा शुक्ला और पुत्र प्रियांशु शुक्ला ने सिद्ध कर दिया है।

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जांजगीर-चाम्पा जिले के बलोदा विकास खंड के कोविड केयर सह अस्पताल महुदा में गत 15 अप्रेल को ग्राम बसहा के दीपका (कोरबा) में एस ई सी एल कर्मी प्रदीप शुक्ला उम्र 45 वर्ष और उनकी पत्नी श्रीमती प्रतिमा शुक्ला 40 वर्ष और पुत्र प्रियांशु शुक्ला 14 वर्ष के कोविड पॉजिटिव आने पर तीनों को कोविड अस्पताल महुदा में भर्ती किया गया। श्रीमती प्रतिमा शुक्ला को तेज बुखार, उल्टी, पेट मे दर्द, खांसी, कमजोरी, सांस लेने मे दिक्कत थी। उनकी स्थिति बहुत गंभीर थी, उन्हे अन्य अस्पताल से महुदा अस्पताल मे 15 अप्रैल को शिफ्ट कर भर्ती किया गया।

डॉ रामायण सिंह, बीपीएम पार्थ सिंह, आरएमए डॉ नील सागर यादव, वीरेंद्र केसरवानी, केके देवांगन, स्टाफ नर्स श्वेता सिंह, संतोषी जगत, बबीता जोगी, वार्ड बॉय वीर सिंह, प्रकाश यादव, निगम कर्मचारी अशु महंत, लक्ष्मण की टीम ने तुरंत इमरजेंसी इलाज़ करने के बाद आवश्यक कोविड गाइड लाइन के अनुसार भर्ती कर इलाज शुरू किया । जरूरत पर उन्हें आक्सीजन मैंटेन कर खाना, सफाई आदि की पूर्ण व्यवस्था कर उनका समर्पित भाव से इलाज किया गया‌। उन्हें लंग्स एक्सरसाइज कराया गया जिनसे उनकेे फेफड़े की कार्यक्षमता बढ़ी। बेहतर चिकित्सकीय देखभाल और इलाज के फलस्वरूप शनिवार को बिना ऑक्सीजन मशीन के ऑक्सीजन 95-98 में मैंटेन रहा। रोज़ाना बॉटल, इंजेक्शन, सही समय पर लगा कर अन्य बीमारियों का समुचित इलाज किया गया।

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