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मप्र: नगर निगम इंदौर के जनकार्य विभाग के अधीक्षक को 25 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा…

इंदौर। नगर निगम के जनकार्य विभाग में पदस्थ अधीक्षक विवेक सक्सेना को लोकायुक्त की टीम ने 25 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। ठेकेदार का बिल पास करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार राशि लेकर पहुंचा तो अधीक्षक ने पास में तैनात महिला कर्मचारी को राशि देने के लिए कहा, राशि लेते ही लोकायुक्त ने धरदबोचा। अधीक्षक की अलमारी खोली तो उसमें 10 लाख 68 हजार रुपए मिले।

बिजासन मंदिर परिसर में बगीचे के विकास का ठेका उज्जैन की रुद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक धीरेंद्र चौबे ने लिया था। करीब 50 लाख का काम था और साढ़े तीन साल से वे उक्त कार्य कर रहे थे। अप्रेल में उन्होंने बगीचे का विकास पूरा किया। उनके बिल के करीब 9 लाख 38 हजार रुपए बकाए थे। चौबे के मुताबिक, काफी समय से चक्कर लगा रहे थे। बिल पास करने के लिए अधीक्षक विजय सक्सेना निवासी द्वारकापुरी ने 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। धीरेंद्र चौबे ने लोकायुक्त एसपी सव्यसाची सराफ से मिलकर शिकायत कर दी। उसने रिश्वत की मांग का ऑडियो रिकॉर्ड भी लोकायुक्त को सौंपा।

सोमवार को अधीक्षक सक्सेना ने राशि देने के लिए धीरेंद्र को ऑफिस बुलाया। नगर निगम मुख्यालय के जनकार्य विभाग के सेक्शन में धीरेंद्र दोपहर 1 बजे पहुंचे और रिश्वत की राशि देने लगे तो सक्सेना ने पास में बैठी क्लर्क (बिल शाखा) हेमाली वैद्य की ओर इशारा किया। चौबे ने महिला कर्मचारी को रिश्वत की राशि दी तो उन्होंने डायरी में रख उसे अलमारी में रख दी। इस दौरान वहां तैनात डीएसपी प्रवीणसिंह बघेल व निरीक्षक राजकुमार सराफ की टीम ने दोनों को पकड़ लिया और रिश्वत की राशि जब्त कर ली। कार्रवाई से निगम में हड़ंकप मच गया।

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