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कांग्रेस को पंजाब में एक और झटका, पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह बाजवा अकाली दल में हुए शामिल …

हरियाणा। पंजाब में भले ही चुनाव में कई महीने बाकी हैं, लेकिन राजनीतिक हलचल पहले ही काफी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस में उठापटक देखने को मिल रही है तो वहीं आम आदमी पार्टी में भी भगवंत मान खुद को किनारे लगा महसूस कर रहे हैं। इस बीच अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन का फैसला किया है। अकाली दल की रणनीति बीएसपी के साथ मिलकर दलित वोटों पर हक जताना है, जबकि कांग्रेस ने सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को मौका देकर दावेदारी जताई है। सीएम चन्नी रामदसिया सिख समुदाय से आते हैं।

पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के सीएम पद से इस्तीफे और फिर सिद्धू की नाराजगी के झटके झेल रही कांग्रेस को अब एक झटका लगा है। पूर्व सांसद सरदार वीरेंद्र सिंह बाजवा ने अपने कई समर्थकों के साथ अकाली दल का दामन थाम लिया है। वह पहले भी अकाली दल में रह चुके हैं। बाजवा को पार्टी में शामिल कराते हुए अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा, ‘वीरेंद्र सिंह बाजवा और उनकी पूरी टीम ने कांग्रेस जॉइन कर ली थी। आज वे अकाली दल में वापस आ गए हैं। मैं बेहद खुश हूं। वे कुछ कारणों से अलग हो गए थे, लेकिन अब उन्होंने घर वापसी कर ली है। मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।’

इस दौरान अकाली दल के मुखिया सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला। बादल ने अरविंद केजरीवाल की ओर से मुफ्त इलाज के वादे को लेकर हमला बोलते हुए कहा कि आज उन्होंने दूसरी गारंटी दी है। बादल ने कहा, ‘आज अरविंद केजरीवाल ने दूसरी गारंटी दी है। यह हास्यास्पद है कि केजरीवाल कहते हैं कि मैं दिल्ली के सीएम के तौर पर आपको यह गारंटी दे रहा हूं। क्या आम आदमी पार्टी का पंजाब में कोई नेता नहीं है। क्या ऐसा कोई नेता नहीं है, जो यहां पंजाबी में अपनी बात कह सके और पंजाब में रहता हो। क्या यही उनकी गारंटी है।’

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