Breaking News
.

मप्र: अवैध शराब को लेकर सीएम शिवराज सख्त…

भोपाल(कैलाश गौर)। प्रदेश सरकार ने अवैध शराब से हो रही मौतों पर चिंता जताते हुए इसके कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई करने का मन बनाया है। प्रदेश में ओपी अल्कोहल के अवैध परिवहन को लेकर सख्ती बर्ट जाएगी और यदि डिस्टलरी की भूमिका पकड़ी गई तो डिस्टलरी बंद होगी। इसी के साथ शराब बोतलों पर होलोग्राम भी लगेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जहरीली शराब से लोगों की जान जाना अत्यंत गंभीर अपराध है। कानून में संशोधन कर अवैध शराब के कारोबार में लगे व्यक्तियों के लिए कठोरतम दंड का प्रावधान किया जाएगा। तात्कालिक रूप से अवैध शराब के कारोबार में संलग्न व्यक्तियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। इसमें विलम्ब बर्दाश्त नहीं होगा। पड़ोसी राज्यों से लाई जा रही अवैध शराब को रोकने के लिए सघन रूप से हर संभव प्रयास किए जाएं। इसके लिए संबंधित राज्यों से बातचीत करें। मुख्यमंत्री अवैध शराब तथा कानून-व्यवस्था के संबंध में मंत्रालय में बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक  विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा और प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर दीपाली रस्तोगी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि डिस्टलरी से निकलने वाले ओ.पी. अल्कोहल के टैंकरों का शत-प्रतिशत आवागमन ई-लॉक सिस्टम के साथ हो। प्रदेश की कोई भी डिस्टलरी यदि ओ.पी. अल्कोहल के अवैध परिवहन में लिप्त पाई जाती है तो उसे तत्काल बंद किया जाए। अवैध शराब के कारोबार की जड़ों तक पहुंचने के लिए विशेष टीम गठित कर जांच आरंभ की जाए। इसे प्रदेश से पूरी तरह से समाप्त किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि शराब की बोतलों पर लगने वाले होलोग्राम की कापी नहीं हो और इसका दुरुपयोग न हो, इसके लिए सिक्युरिटी प्रिंटिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया से क्यूआर कोड और ट्रेक एण्ड ट्रेस की व्यवस्था के साथ होलोग्राम बनवाए जाएंगे। इसमें 20 से 25 सिक्युरिटी फीचर्स होंगे। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बार में भी अवैध और अमानक शराब की चेकिंग की व्यवस्था की आवश्यकता बताई।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बच्चों में ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती आदत और इसके परिणामस्वरूप हुई आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की तथा इसके लिए आवश्यक निगरानी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत जुलाई माह में 938 लापता बच्चों को बरामद किया गया। बैठक में साईबर क्राइम, नक्सल गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। सरकार अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह रोकने और इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए नया कानून बनाएगी। इसको लेकर विधानसभा के अगस्त माह में होने वाले पावस सत्र में ही विधेयक लाया जाएगा। इसमें दोषियों पर सख्त सजा के प्रावधान होंगे।

पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी ने बैठक में मुख्यमंत्री को अंतरराज्यीय साईबर फ्रॉड गिरोह के भंडाफोड़ करने की डिटेल जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हाल ही में अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश मप्र पुलिस ने किया है। यह िगरोह देश भर में फैला हुआ है। गृह मंत्रालय भारत सरकार, मप्र झारखंड, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों की पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इसका खुलासा हुआ है। वित्तीय फ्रॉड शाखा मंत्रालय की समन्वित कार्रवाई में अब तक इस नेटवर्क से जुड़े 8 मुख्य अपराधियों को बालाघाट (मप्र), रांची (झारखंड), सरायकेला (झारखंड), देवगढ़ (झारखंड) और चितूर (आंध्रप्रदेश) से गिरफ्तार किया गया है। नेटवर्क में शामिल 700 से अधिक संदेही विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जांच के दायरे में हैं। श्री जोहरी ने सीएम को बताया कि यह कार्रवाई ओटीपी धोखाधड़ी, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, ई-फॉर्म्स धोखाधड़ी, फर्जी आईडी, फर्जी मोबाइल नंबर, फर्जी पते आदि से कालाबाजारी कर चोरी, मनी लांड्रिंग और आदतन चोरी के माल के लेनदेन में की गई है। देश भर में 20 करोड़ रुपए से अधिक के मनी लांड्रिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है। नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए अन्य एजेंसियों आयकर विभाग और ईडी से संपर्क किया जा रहा है।

error: Content is protected !!