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मंत्री मंडल का विस्तार एक-दो दिनों में, 27 नए मंत्री हो सकते हैं शामिल

भोपाल। शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसमें शामिल किए जाने वाले मंत्रियों की अंतिम सूची तैयार कर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ पार्टी के शीर्ष नेताओं से चर्चा करने दिल्ली पहुंच गए हैं। जहां वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष से मुलाकात कर मंत्रियों की सूची प्रस्तुत करेंगे और जरूरी हुआ तो नए सिरे से नेताओं की मर्जी से उसमें काट छांट भी करेंगे। इस दौरान सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंतिम चर्चा की जा सकती है। बताया जा रहा है कि तैयार की गई मंत्रियों की सूची को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्यप्रदेश पालक अधिकारी अरुण कुमार और क्षेत्रीय प्रचारक दीपक विस्पुते से हरी झंडी पहले ही ले ली गई थी। मुख्यमंत्री दोनों भाजपा नेताओं के साथ सोमवार को रात तक भोपाल लौट सकते हैं। उसके बाद मंगलवार या बुधवार को नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण हो सकता है।

 9 को मिलेगा दलबदल का इनाम 

कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे चार लोगों के साथ ही सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने वाले 9 पूर्व विधायकों एवं पूर्व मंत्रियों को नए मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है। जबकि दो को पहले ही मंत्री बनाया जा चुका है। इनमें डॉ. प्रभु राम चौधरी, प्रद्दुम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, इमरती देवी, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंसाना, राजवर्धन सिंह, हरदीप सिंह डंग और रणवीर सिंह जाटव का नाम शामिल बताया जा रहा है।

 5 नए चेहरे को मिलेगा चांस 

होने जा रहा है मंत्रिमंडल विस्तार में 5 नए विधायकों को मौका मिल सकता है। इनमें अरविंद सिंह भदोरिया, चेतन कश्यप, मोहन यादव का नाम सूची में शामिल होने की जानकारी मिली है। जबकि भोपाल में रामेश्वर शर्मा का पेच विश्वास सारंग के साथ फंसा हुआ है। इंदौर में भी रमेश मेंदोला या मालिनी गौड़ में से एक को अंतिम सूची में लिया जा सकता है। मंदसौर जिले से हरदीप सिंह डंग को मंत्रिमंडल में स्थान मिलने के कारण यशपाल सिंह सिसोदिया और जगदीश देवड़ा में से किसी एक को शपथ दिलाई जा सकती है।

 13 पुराने मंत्रियों को फिर से मौका 

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार शिवराज के पूर्व मंत्री मंडल में शामिल वरिष्ठ सदस्यों को फिर से मंत्री बनाए जाने का संघ और संगठन स्तर पर भारी दबाव है। संभवत यही कारण है कि ऐसे मंत्रियों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है। इनमें गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र शुक्ला, विजय शाह, गौरीशंकर बिसेन, रामपाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, संजय पाठक, अजय विश्नोई, नागेंद्र सिंह, हरिशंकर खटीक, बृजेंद्र सिंह का नाम शामिल होने की जानकारी मिली है।

 असंतोष रोकने की तैयारी 

पार्टी को अनुमान है कि मंत्रिमंडल में स्थान नहीं पाने के कारण कई वरिष्ठ विधायकों और उसके समर्थकों में असंतोष पनप सकता है। इसे रोकने की तैयारी भी मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा संगठन ने पूरी कर ली है। समझा जा रहा है कि विस्तार के तुरंत बाद प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी का गठन और सरकार के निगम मंडल आयोग और प्राधिकरण में राजनीतिक नियुक्ति का दौर शुरू किया जा सकता है जिसमें कुछ वरिष्ठ विधायकों को स्थान दिया जा सकता है।

बता दें कि शिवराज सिंह चौहान इससे पहले पांच सदस्यीय मंत्रिमंडल का गठन कर चुके हैं ।अब यदि 27 नए मंत्री शामिल किए जाते हैं तो भी दो स्थान रिक्त रहेंगे क्योंकि विधानसभा सदस्यों की संख्या बल के आधार पर प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 35 सदस्य मंत्रिमंडल का गठन हो सकता है। बता दें कि आने वाले 30 जून या 1 जुलाई को विस्तार की अटकलें इसलिए भी लगाई जा रही है कि मुख्यमंत्री ने पिछले बुधवार को बयान जारी कर कहा था कि केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार शीघ्र किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि सभी बिंदुओं पर विचार करके निर्णय लिया जा चुका है। इसके बाद वे तीन दिवसीय धार्मिक की यात्रा पर दक्षिण भारत चले गए थे और भोपाल लौटने के दूसरे दिन ही दिल्ली कूच कर गए हैं।

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