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झारखंड में पिकनिक पॉलिटिक्स, आज फिर घूमने जाएंगे महागठबंधन MLA, देर शाम विधायकों संग रांची लौटे सीएम हेमंत सोरेन ….

नई दिल्ली। शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक के बाद सभी विधायकों को लेकर हेमंत सोरेन खूंटी के लतरातू स्थित सरकारी गेस्ट हाउस पहुंचे। वहीं दोपहर का भोजन लिया व डैम में बोटिंग की। तीन बसों में सवार विधायक देर शाम रांची लौटे। यहां कांग्रेस विधायक दल की बैठक प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय की मौजूदगी में स्टेट गेस्ट हाउस में हुई। कुल मिलाकर सत्तापक्ष संख्या बल का संदेश देता नजर आया।

हेमंत सोरेन की विधायकी पर निर्णय और झारखंड में चल रहे सियासी संकट के बीच शनिवार को पूरे दिन महागठबंधन विधायक मुख्यमंत्री के साथ नजर आए। सीएम आवास पर जुटे सत्ताधारी विधायकों ने एक स्वर में कहा कि हेमंत की अयोग्यता के संबंध में राज्यपाल का फैसला जो भी आए उनके सर्वमान्य नेता हेमंत सोरेन ही बने रहेंगे। निजी वजहों से जो विधायक यहां नहीं पहुंच सके वे अपने नेताओं से संपर्क में रहे।

लतरातू से लौटने के दौरान मुख्यमंत्री के छोटे भाई और दुमका के विधायक बसंत सोरेन ने साफ कहा कि जनादेश को किसी भी कीमत पर ताक पर नहीं रखने देंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार मजबूती से अपना कार्यकाल पूरा करेगी। बता दें कि बसंत के भाजपा के संपर्क में होने की अफवाहें तैर रही थीं। वहीं कद्दावर मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि विरोधियों का षड्यंत्र सफल नहीं होगा। हेमंत ही गठबंधन के नेता हैं और रहेंगे।

झारखंड कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय ने कहा कि पार्टी के विधायक एकजुट हैं। हमारे पास बहुमत है। सरकार हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हर हाल में अपना कार्यकाल पूरा करेगी। कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने भी कहा कि सरकार संख्या बल की होती है। महागठबंधन के पास मजबूत संख्या बल है। चुनाव आयोग या राज्यपाल के किसी फैसले की जानकारी नहीं है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सभी विधायक मजबूती से खड़े हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे को पीएम नियंत्रित करें और राज्यपाल स्थिति को स्पष्ट करें। मुख्यमंत्री हेमंत के नेतृत्व में सत्ताधारी दल के हर विधायक एकजुट हैं।

इस बीच, कयास लगाए जा रहे हैं कि रविवार को महागठबंधन के विधायक नेतरहाट जाएंगे। कहा जा रहा है कि इसके लिए यहां दो होटलों को खाली करा लिया गया है। इस बीच, कांग्रेस विधायक दल की देर शाम हुई बैठक में कहा गया कि दिल्ली से आलाकमान का आदेश मिलने के बाद ही विधायक नेतरहाट जाएंगे।

बसंत सोरेन ने कहा कि उन्हें भाजपा नेताओं ने दिल्ली में बुलाया था, क्योंकि वह जानना चाहते थे कि उनकी पार्टी के कौन-कौन विधायक उनके संपर्क में हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 10 विधायक झामुमो में शामिल होने के लिए उनके संपर्क में हैं। इनका नाम वह अभी सार्वजनिक नहीं करेंगे। वक्त आने पर पर्दा हटाया जाएगा।

कैश कांड में कांग्रेस के तीन निलंबित विधायक डॉ इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप फिलहाल कोर्ट के आदेश पर कोलकाता में हैं। इसके चलते उक्त तीनों विधायकों के जमावड़े में शरीक नहीं हो सके। वहीं, कांग्रेस विधायक ममता देवी बच्चे को जन्म देने के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं।

महागठबंधन विधायक दल की बैठक में 49 विधायकों में 42 ही पहुंच सके। इसमें झामुमो के 27, कांग्रेस के 14 ( प्रदीप यादव समेत) व राजद एक विधायक शामिल हुए। संवैधानिक पद पर रहने के चलते स्पीकर रबींद्र नाथ महतो, अस्वस्थता के कारण झामुमो की सबिता महतो और चमरा लिंडा शामिल नहीं हो सके।

 

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