मध्य प्रदेश

मिशन 2023 : मध्य प्रदेश में चुनाव जीतने के लिए एनजीओ का साथ लेगी कांग्रेस, आदिवासी क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की तैयारी

अगले माह दिसंबर में राज्य स्तरीय सम्मेलन और फरवरी-मार्च में होगी सामाजिक कार्यकर्ताओं की महापंचायत

भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने रणनीति तय कर ली है। पार्टी राज्य में विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की तैयारी कर रही है। पार्टी की मंशा एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से अपनी बात जन-जन तक पहुंचाने की है, ताकि चुनाव में जीत का आधार तैयार हो सके। इसके लिए पार्टी द्वारा एक राज्य स्तरीय सम्मेलन अगले माह दिसंबर में प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा पार्टी ने फरवरी या मार्च में सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक महापंचायत आयोजित करने का निर्णय भी लिया है।

ज्ञात हो कि पिछले साल सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी डीएस राय और आरएन ठाकुर ने संगठनों का भोपाल के मानस भवन में सम्मेलन कराया था। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ शामिल हुए थे। अब एक बार फिर संगठनों के प्रतिनिधियों का सम्मेलन बुलाने की तैयारी है। वहीं, पार्टी का समाज कल्याण प्रकोष्ठ सामाजिक क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने की तैयारी में जुटा है।

प्रकोष्ठ के संयोजक अनुराग भार्गव का कहना है कि वे अब तक 10 जिलों में दौरा कर चुके हैं और फरवरी-मार्च 2023 में भोपाल में महापंचायत बुलाई जाएगी। इसमें प्रदेशभर के सामाजिक कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में ऐसे बहुत सारे गैर सरकारी संगठन हैं, जो आदिवासी क्षेत्र, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला सशक्तीकरण, कृषि और पेंशनर के लिए काम करते हैं। चुनावी रणनीति के तहत प्रदेश कांग्रेस इनके माध्यम से अपनी बात जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस के मोर्चा-प्रकोष्ठों के प्रभारी जेपी धनोपिया के अनुसार कांग्रेस सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। हर वर्ग से जुड़े मुद्दों को हम प्रमुखता से उठाते हैं। उनकी समस्याओं को समझने और उसका समाधान निकालने के लिए अलग-अलग प्रकोष्ठ भी इसी उद्देश्य से पार्टी ने गठित किए हैं। इनका दायित्व अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले संगठन हों या व्यक्ति, उनसे संपर्क करने और अपनी बात पहुंचाने का है, क्योंकि इनका दायरा व्यापक होता है। राज्य स्तर पर इनके सम्मेलन आयोजित करने की शुरूआत की गई है। दिसंबर में भी सम्मेलन प्रस्तावित हैं।

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