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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हस्तक्षेप के बाद राजस्थान सरकार ने 18 जनवरी से कोचिंग शुरू करने की अनुमति दी

50 से अधिक छोटे व इंडीविजुअल कोचिंग क्लासेज हैं
कोटा। राजस्थान सरकार ने प्रदेश में 18 जनवरी से क्लासरूम कोचिंग शुरू करने की अनुमति दे दी है। इसके लिए गाइड लाइन भी जारी की गई है। कोटा शहर के कोचिंग संचालकों ने राज्य सरकार की इस घोषणा का स्वागत किया है और स्पष्ट किया है कि गाइड लाइन की पालना सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य व सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। इसकी तैयारियों को लेकर कोचिंग संस्थानों में बैठकों के दौर भी शुरू हो गए हैं। वहीं विद्यार्थियों और अभिभावकों ने कोटा के कोचिंग संस्थानों में फोन करके ऑफलाइन क्लासेज की व्यवस्था के बारे में जानकारी लेना शुरू कर दिया है। शहर के लैंडमार्क सिटी क्षेत्र, राजीव गांधी नगर, इन्द्रविहार इलाकों में हॉस्टल एसोसिएशन के सदस्यों ने ढोल बजाकर इस घोषणा का स्वागत किया।
यहां मेडिकल व इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी के लिए आने वाले स्टूडेंट्स खुश हैं, वहीं अभिभावकों में हर्ष है। एसओपी में दी गई गाइड लाइन की पालना करने के लिए कोचिंग संस्थानों में बुधवार से ही व्यवस्थाओं में सुधार करना शुरू कर दिया गया है। जिस उत्साह और ऊर्जा के साथ स्टूडेंट्स कोटा आने को तैयार हैं, उसी ऊर्जा के साथ कोटा के कोचिंग संस्थान, हॉस्टल्स, मैस और शहरवासी स्टूडेंट्स को श्रेष्ठ माहौल देने की तैयारियां कर रहे हैं।
कोटा में ये है तैयारी
18 जनवरी से ऑफलाइन कोचिंग शुरू होने की घोषणा के साथ ही कोटा में एसओपी की पालना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यहां कोचिंग, हॉस्टल, मैस सभी जगह स्टूडेंट्स की सुरक्षा व स्वास्थ्य को देखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही है। इसमें निम्न मुख्य है।
क्लासरूम में क्षमता के 50 प्रतिशत विद्यार्थियां को ही अनुमति दी जाएगी।
कोचिंग के एंट्री प्वाइंट पर स्टूडेंट्स का टेम्परेचर व सेनेटाइजेशन करवाया जाएगा।
कोचिंग में कैंटीन, नोटिस बोर्ड के आस-पास भीड़ नहीं हो इसके प्रबंध किए जाएंगे।
कोचिंग संस्थानों में स्टेपिंग के लिए स्टीकर लगाए जा रहे हैं ताकि स्टूडेंट्स निर्धारित दूरी बनाए रखें।
सीढ़ियों पर भी स्टीकर लगाए जा रहे हैं।
कोचिंग कैम्स में ‘मास्क नहीं तो प्रवेश नहीं‘ के बोर्ड लगाना शुरू कर दिया है।
हर क्लास के बाद सैनेटाइजेशन की व्यवस्था की जा रही है।
हॉस्टल्स में भी एक निर्धारित क्षेत्र को आइसोलेशन के लिए खाली रखा जा रहा है।
हॉस्टल के एक कमरे में एक ही स्टूडेंट को रखा जाएगा।
हॉस्टल्स में रोजाना सेनेटाइजेशन किया जाएगा।
मैस में एक साथ भोजन नहीं करवाया जाएगा। अलग-अलग टाइम में स्टूडेंट्स भोजन करेंगे।
यहां एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट द्वारा स्टूडेंट्स की एप्लीकेशन बेस मॉनिटरिंग करने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए एप डवलप किया जाएगा ताकि स्टूडेंट्स के बीमार होने की सूचना मिल सके और उसे समय पर उपचार उपलब्ध करवाया जा सके।
अल्ट्रा वायलट सैनेटाइजेशन
कोटा के एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में सैनेटाइजेशन के लिए अल्ट्रा वायलट सिस्टम तैयार किया गया है। इसके तहत क्लासरूम में यूवी लाइट्स लगाई गई है। इनमें सेंसर्स भी लगाए गए हैं। क्लासरूम खाली होने के साथ ही ये लाइट्स ऑन हो जाएगी और क्लासरूम पूरी तरह से सैनेटाइज हो जाएंगे। इसके बाद जब क्लास में स्टूडेंट्स आएंगे तो ये ऑटो ऑफ हो जाएंगी। ये सैनेटाइजेशन इंदौर सहित देश के कई शहरों में बड़ी कंपनियों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
31 बेड का अस्पताल तैयार
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए 31 बेड का अस्पताल तैयार किया गया है। इसमें प्राथमिक उपचार की सभी सुविधाएं विकसित कर ली गई हैं। एलन में कार्यरत चिकित्सक इसमें सेवाएं देंगे। यह अस्पताल इलेक्ट्रोनिक कॉम्पलेक्स में तैयार किया गया है।
लॉकडाउन में 50 हजार स्टूडेंट्स को सकुशल भेजा था घर
कोटा ने कोविड-टाइम में लॉकडाउन के दौरान कॅरियर ही नहीं वरन केयर सिटी के रूप में भी पहचान स्थापित की। लॉकडाउन में कोटा में अटके 50 हजार से अधिक स्टूडेंट्स का पूरा ध्यान रखा गया। उन्हें भोजन, मेडिकल सुविधाएं दी गई। इसके बाद उन्हें घर भेजने के लिए केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन और कोचिंग संस्थानों ने साथ मिलकर देश का सबसे बड़ा अभियान चलाया, जिसमें 28 राज्य व केन्द्र शासित प्रदेशों के 50 हजार से अधिक स्टूडेंट्स को ट्रेन, बसों और व्यक्तिगत वाहनों के जरिए स्वस्थ व सुरक्षित घर भेजा गया। लॉकडाउन में देश में सबसे पहली ट्रेन कोटा से ही स्टूडेंट्स को लेकर झारखंड के लिए रवाना हुई थी।
विद्यार्थियों का स्वास्थ्य प्राथमिकता
राज्य सरकार की घोषणा का स्वागत करते हैं। विद्यार्थियां का स्वास्थ्य और सुरक्षा एलन के लिए सदैव प्राथमिकता रही है। आगे भी हमारा यही प्रयास रहेगा कि पूर्णतः स्वस्थ वातावरण में विद्यार्थियों की केयर करते हुए पढ़ाई करवाएं। राज्य सरकार द्वारा जारी की गाइड लाइन की पालना के साथ क्लासेज संचालित हो तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास बनाए रखें, इसकी कोशिश करेंगे।
– नवीन माहेश्वरी, निदेशक, एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट
कोटा में उत्साह है
हम राज्य सरकार के आभारी हैं। लाखों विद्यार्थियों के कॅरियर को देखते हुए सरकार ने क्लासरूम कोचिंग की अनुमति दी। विद्यार्थियों के लिए ये जरूरत बन गई थी। ऑनलाइन कोचिंग से स्टूडेंट्स पूरी तरह से संतुष्ट नहीं थे और ऑॅफलाइन कोचिंग की मांग कर रहे थे। कोटा विद्यार्थियों का भविष्य बनाने का हर संभव प्रयास करेगा।
– आयुष गोयल, एचओडी मैथ्स, रियालबल इंस्टीट्यूट
हॉस्टल में रखेंगे पूरा ध्यान
हम राज्य सरकार की इस घोषणा का स्वागत करते हैं और आभार व्यक्त करते हैं। कोटा में आने वाले हर स्टूडेंट का हॉस्टल्स में पूरा ध्यान रखा जाएगा। गाइड लाइन की पूरी तरह से पालना की जाएगी। हमारा प्रयास रहेगा कि हर स्टूडेंट स्वस्थ रहे और स्वच्छ माहौल में पढ़ाई करे।
– शुभम अग्रवाल, अध्यक्ष, चम्बल हॉस्टल एसोसिएशन
कोटा के लिए बड़ी बात
राजस्थान में ऑफलाइन कोचिंग शुरू होना कोटा के लिए विशेष है, क्योंकि हजारों पेरेन्ट्स और स्टूडेंट्स रोजाना फोन करके यहां क्लासेज शुरू करने के बारे में पूछ रहे थे। राज्य सरकार की अनुमति के बाद अब तैयारियां शुरू कर दी है। हमारे लिए हर स्टूडेंट्स खास है, उसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
– नितिन विजय, निदेशक, मोशन एजुकेशन

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