मध्य प्रदेश

समय से पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया विधानसभा का मानसून सत्र …

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन गुरुवार को भी हंमामे के साथ शुरू हुआ। इससे पहले ही विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन किया। सत्र के तीसरे दिन भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया, वहीं 11 विधेयक भी पारित हो गए। इसके बाद सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। जबकि, 13 सितंबर से शुरू हुआ मानसून सत्र 17 सितंबर तक चलने वाला था।

किसानों को लहसुन के दाम नहीं मिलने, पोषण आहार घोटाले के बाद आदिवासी विधायकों के साथ अभद्रता के आरोप को लेकर धरने पर बैठ गए। सदन के भीतर भी जमकर हंगामा हुआ, जहां आदिवासी विधायक पांचीलाल मेढ़ा ने अपनी जान का खतरा बताया। विधानसभा शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक विधानसभा के गेट नंबर 3 पर धरने पर बैठ गए। आदिवासियों के साथ अभद्रता और उनकी जान का खतरा बताते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए गए। इस दौरान कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेढ़ा मीडिया से बात करते हुए रोने लगे। उन्होंने कहा कि मेरी जान को खतरा है, उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी जाना चाहिए। रोते हुए मेढ़ा के आंसू विधायक जीतू पटवारी ने पोंछे। मेढ़ा ने कहा कि कल बुधवार को मैं जब विधानसभा में अध्यक्ष के पास जा रहा था, तब गेट पर पुलिसकर्मियों ने मेरे साथ मारपीट की।

विधायक मीणा ने अपनी जान को खतरा बताया

विधायक मीणा ने कहा कि जब मैंने अध्यक्ष को बताया कि मेरे साथ ऐसी घटना हुई तो विधायक उमाकांत शर्मा ने मेरे साथ धक्का-मुक्की की। मेरा गला दबाकर मारने की कोशिश की। मैंने कहा कि मैं अपने क्षेत्र में पुनर्वास की बात को क्यों नहीं उठाऊं। मेरे क्षेत्र में सरकार ने पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की। किसान जंगलों में रहने को मजबूर हैं। 500 परिवार कहां जाएंगे। मुख्यमंत्री आज तक वहां नहीं गए। मैंने आवाज उठाई तो मुझ पर हमला किया। मुझे अध्यक्ष और गृहमंत्री को बताने का अधिकार है। मुझ पर जानलेवा हमला हुआ है। मुझे सुरक्षा नहीं चाहिए। जो दी है वे भी ले ली जाए। मैं किसानों के लिए मरने को भी तैयार हूं।

गृहमंत्री से मांगा इस्तीफा

कांग्रेस ने सदन की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेढ़ा को जान का खतरा है। उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए। सदन में विधायकों के गिरेवां पकड़ने और हाथ मरोड़ने तक का काम हुआ।

दोनों ओर से विधायकों ने लगाए हमले के आरोपी, मांगी सुरक्षा

बजट बाद सदन की कार्रवाई फिर शुरू होते ही स्पीकर ने प्रश्नकाल की शुरुआत करते हुए प्रश्नोत्तर सूची में शामिल हीरालाल अलावा का नाम पुकारा। सवाल जवाब का क्रम शुरू होता इसके पहले ही भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा जोर-जोर से चिल्लाते हुए कहने लगे कि मेरे ऊपर हमला हुआ है। उन्होंने आसंदी के समक्ष आते हुए कहा कि मुझे सुरक्षा प्रदान की जाए। जोर-जोर से चिल्लाकर कह रहे थे कि मुझे अध्यक्ष महोदय सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद विपक्षी दल के सदस्यों ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के आदिवासी विधायक के ऊपर हमला हुआ है। उसके साथ अभद्रता की गई है। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाए। उन्होंने इस घटना के लिए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का इस्तीफा मांगा।

कांग्रेस विधायक विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे

विधानसभा के तीसरे दिन भी कांग्रेस विधायकों का हंगामा। आदिवासी विधायक के साथ अभद्रता के मामले में कांग्रेस विधायक विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए।  तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने पोषण आहार पर दिए गए इस तरह प्रस्ताव पर चर्चा कराए जाने की मांग दोहराई। उनका कहना था कि हमारे दल के और से स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराए जाने का ज्ञापन पूर्व में ही दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पर चर्चा कराए जाने चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आप लोगों को चर्चा का मौका दिया गया। सदन के नेता मुख्यमंत्री बोल रहे थे, लेकिन आपने उनकी चर्चा नहीं सुनी।

सत्ता और विपक्ष दल के सदस्यों में हुई तीखी नोकझोंक और बहस

स्पीकर ने कहा कि मैंने भी आप लोगों को भरोसा दिलाया था कि चर्चा करेंगे, मैंने नाम भी पुकारा लेकिन चर्चा के लिए कोई आगे नहीं आया। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि आज चर्चा नहीं हो सकती। इसको लेकर सत्ता और विपक्ष दल के सदस्यों में तीखी नोकझोंक बहस शुरू हो गई। हंगामा बढ़ते देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

ऐसा रहा था दूसरा दिन

इससे पहले विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया। एक मौका ऐसा आया, जब सत्ता और विपक्षी दल के सदस्य आमने-सामने हो गए। तीखी बहस हुई तो सदन में मौजूद अन्य सदस्यों ने बीच-बचाव कर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत नहीं हुए। मौके की नजाकत को देखते हुए स्पीकर को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान सत्ता पक्ष के एक विधायक पर यह आरोप लगे कि उन्होंने कांग्रेस विधायक की गर्दन पकड़ी और हाथ मरोड़ा।

पांचीलाल मेड़ा व अन्य कांग्रेस विधायकों ने कालर पकड़ने और कपड़े फाड़ने के लगाए आरोप

प्रश्नकाल के दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने सदन में प्रवेश करते ही कहा कि पुलिस प्रशासन की गुंडागर्दी नहीं चलेगी। कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा, मनोज चावला सहित अन्य विधायकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें विधानसभा में आने से रोका। मेड़ा ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनका हाथ मरोड़ा, जमीन पर पटका। उनका पजामा तक फाड़ दिया। फटा पजामा दिखते हुए वे गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के पास जा पहुंचे। इस पर भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने उन्हें अपनी सीट पर जाने को कहा। इस पर दोनों में तीखी बहस हो गई। हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। दोबारा हंगामा होने से प्रश्नकाल की भेंट चढ़ गई।

सीएम शिवराज बोले- दोषी कोई भी हो सख्त कार्रवाई की जाएगी

सदन में हंगामे के बीच शिवराज ने वक्तव्य में कहा कि पोषण आहार पर कैग की ड्राफ्ट रिपोर्ट है। यह अंतरिम रिपोर्ट है, अंतिम रिपोर्ट नहीं। इस पर विपक्ष भ्रम फैला रहा है। जो बिंदु आए हैं, उसमें कांग्रेस सरकार के भी पंद्रह महीने हैं। फिर भी पूरे तथ्यों की जांच होगी। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि अगर कोई गड़बड़ी मिली तो कैग की रिपोर्ट की प्रतीक्षा किए बिना कठोर कार्रवाई की जाएगी। हम लोक लेखा समिति की कार्रवाई की प्रतीक्षा नहीं करेंगे। मैं आश्वस्त करना चाहूंगा कि दोषियों पर कार्रवाई होगी, भले ही गड़बड़ी करने वाला कोई भी हो।

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