F I L E - P H O T O

कांग्रेस ने रमन सिंह से पूछा- आपने नकली आदिवासी होने का आरोप पत्र कैसे जारी किए ….

रायपुर (गुणनिधि मिश्रा) । प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का दौरा मरवाही उपचुनाव में भाजपा की हार का एक बड़ा कारण बनेगा। 2003 में जोगी जब कांग्रेस के मुख्यमंत्री थे तो भाजपा ने प्रचार किया था कि जोगी नकली आदिवासी थे। भाजपा के सरकार में कलेक्टर बिलासपुर में सर्वोच्च न्यायालय तक मुकदमा चला। भाजपा के नेता बृजमोहन अग्रवाल, शिवरतन शर्मा ये सारे लोग उसमें पक्षकार बने।

संतराम नेताम उस समय भाजपा में ही थे। नंदकुमार साय ने जो बाद में भाजपा के राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अध्यक्ष बने। उन्होंने मरवाही में चुनाव लड़ा था। उन्होंने याचिका दायर की और मरवाही 5 साल तक वंचित रहा। ऐसे समय में कांग्रेस पर जो आरोप लगाये जा रहे हैं। दरअसल जनता कांग्रेस भाजपा की ‘बी’ टीम है। भाजपा और भाजपा की बी टीम मिलकर छत्तीसगढ़ में सब कुछ करते रहे हैं। अंतागढ़ भी ए टीम और बी टीम ने मिलकर किया था। मरवाही भी दोनों मिलकर लड़ रहे हैं। चिंता न करें ए टीम और बी टीम 2018 में जनता ने हराया है इस बार भी जनता उनको खारिज करेगी।

शैलेश ने कहा है कि इस मामले को भाजपा का यह कहना कि कांग्रेस की सरकार आने के बाद यह मुद्दा उठा वो गलत है। ये मुद्दा पहले से चल रहा है इस मुद्दे को भाजपा ने उठाया, पहले कांग्रेस के अनेक लोगों ने उठाया। आदिवासी समाज के अनेक कार्यक्रमों में विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में कहा गया कि नकली सर्टिफिकेट धारकों को आदिवासी सीटों से चुनाव न लड़ने दिया जाये, आदिवासी के हितों और हकों को लूटने की इजाजत न दी जाये।

यदि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद आदिवासी समाज की मांग पूरी हुयी है तो इसे पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का साजिश कहना ठीक नहीं है। यह तो आदिवासी समाज की पुरानी मांग है और यह फैसला आने के बाद कांग्रेस के लोगो के साथ-साथ भाजपा के नंदकुमार साय जो अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं और ननकीराम कंवर पूर्व गृहमंत्री जैसे बड़े आदिवासी नेताओं ने भी इस फैसले का स्वागत किया है।

उन्होंने कहा कि मरवाही क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है। भंवर सिंह र्पोते ने मरवाही का अनेक बार प्रतिनिधित्व किया और कांग्रेस इस सीट को जीतती रही। मरवाही 15 साल तक भाजपा के शासनकाल में उपेक्षित रहा। जिला मुख्यालय जाने के लिये लोगो को 150 किलोमीटर की अधिक की दूरी तय करनी पड़ती थी। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मरवाही को जिला बनाया है।

कांग्रेस सरकार ने मरवाही के विकास के लिये अनेक योजनाओं को स्वीकृति दी है और अब मरवाही विकास के साथ चलेगा, कांग्रेस के साथ चलेगा। भाजपा और भाजपा की बी टीम ने मरवाही के लोगो के हितों और हको की 15 साल उपेक्षा की। मरवाही को विकास से वंचित रखा। मरवाही के लोगों को असुविधा होते रही। कांग्रेस की सरकार ने जो पहला जिला बनाया गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को बनाया और अब मरवाही विकास के रास्ते चलेगा, कांग्रेस के साथ चलेगा, भूपेश बघेल के साथ चलेगा।

मरवाही की जनता जिला बनाने वाली कांग्रेस की सरकार की पक्ष में वोट देगी। मरवाही की जनता विकास करने वाली कांग्रेस की पक्ष में वोट देगी। मरवाही की जनता जो कांग्रेस उनके साथ हमेशा खड़ी होती आयी है उस कांग्रेस पार्टी को वोट देगी। एक बड़ी महत्वपूर्ण बात है तो कांग्रेस के 69 विधायक है। मरवाही की सीट जीतना और हारना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, मरवाही के विकास के लिये, मरवाही के मतदाताओं के लिये और इस मामले में पूरी तरीके से मरवाही के जनता के निर्णय का सम्मान करते है। हमे पूरा विश्वास है कि मरवाही से कांग्रेस उम्मीदवार की प्रचंड बहुमत से जीत होगी।

error: Content is protected !!