मध्य प्रदेश

एमपी में ग्रामीण परिवहन नीति से बदलेगी जनजातीय क्षेत्रों की दशा और दिशा – परिवहन मंत्री

परिवहन मंत्री श्री राजपूत ने की परिवहन विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा

भोपाल। परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोक परिवहन सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए ग्रामीण परिवहन नीति पायलट प्रोजेक्ट के रूप मे विदिशा में संचालित की गई थी, जिसके बहुत अच्छे परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय अँचलों में भी ग्रामीण परिवहन नीति लागू कर परिवहन व्यवस्था प्रारंभ करने के लिए रोड मेप तैयार किया जाए। श्री राजपूत शुक्रवार को मंत्रालय में परिवहन विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। परिवहन आयुक्त एस.के. झा, अपर परिवहन आयुक्त अरविंद सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

विदिशा में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई ग्रामीण परिवहन नीति

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सड़क परिवहन निगम बंद करने के बाद से विगत वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में लोक परिवहन सेवाएँ निजी तौर पर संचालित होती रही है। निजी ऑपरेटर्स द्वारा बसें उन्ही मार्ग पर संचालित की जाती हैं, जहाँ अधिक यात्री होते हैं, जो व्‍यवसायिक रूप से बस संचालकों के लिए लाभप्रद होती हैं। ग्रामीण परिवहन में मांग और आपूर्ति के अंतर को कम करने एवं सुचारू परिवहन के लिए ग्रामीण परिवहन नीति को मूर्त रूप दिया जा रहा है। अभी विदिशा में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। इसकी सफलता उपरांत संपूर्ण प्रदेश में इसे लागू किया जाएगा। अभी 76 ग्रामीण मार्गों को चिन्हित किया गया है, जिसमें 4 लाख 70 हजार 523 ग्रामीणों को लाभ मिल रहा है। इन मार्गों पर 7+1 से 20+1 सीट्स वाले वाहनों के संचालन की अनुमति होगी। इसमें मासिक मोटरयान कर में पूर्णत छूट दी जाएगी।

बनाया जा रहा ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन एवं कंट्रोल कमांड सेंटर

श्री राजपूत ने कंट्रोल एण्ड कमांड सेंटर एवं ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना एवं उसके संचालन की प्रगति की समीक्षा की। बताया गया कि सीसीटीवी, फायर अलार्म, हीट सेंसर, स्मोक सेंसर, हूटर सहित कमांड सेंटर का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। परिवहन मंत्री ने बीएसएनएल अधिकारियों के साथ चर्चा कर 15 दिसंबर तक इसे पूरा करने के निर्देश दिये। यात्री वाहनों में पेनिक बटन के सुचारू क्रियान्वयन को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिये।

व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस के लिए 10 कंपनियां अधिकृत

परिवहन आयुक्त ने बताया कि व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस के लिए परिवहन विभाग द्वारा 10 कंपनियाँ अधिकृत की गई हैं। दस्तावेज एवं फील्ड टेस्ट, बैंक गारण्टी आदि में कमी वाली कंपनियों की लिस्टिंग की गई है। एक जनवरी 2019 के पूर्व के पंजीकृत लोक सेवा वाहनों में डिवाईस लगाना अनिवार्य होगा। वर्तमान में ऐसे वाहनों की संख्या एक लाख 3 हजार 206 है। इसके अलावा एक जनवरी 2019 से 10 सितम्बर 2022 तक पंजीकृत लोक सेवा यानों की संख्या 19 हजार 967 है।

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