जिले में नहीं बना एक भी नया राशन कार्ड, अधिकारी सुस्त- जनप्रतिनिधि चुस्त

पेंड्रा (अमित रजक)। भूपेश बघेल सरकार द्वारा इस बात को लगातार जोर दिया जा रहा है कि जिनका भी राशनकार्ड नहीं बना हो उनका तत्काल राशनकार्ड बनवाया जाएगा। बड़ी संख्या में नए राशन कार्ड बने भी हैं लेकिन इस जिले से नया राशनकार्ड के लिए न प्रस्ताव गया है और न ही अधिकारी राशनकार्ड बनवाने को गंभीरता से ले रहे हैं। कांग्रेस, भाजपा और जोगी कांग्रेस के लोग पिछले एक माह से राशन कार्ड बनवाए जाने की मांग कर रहे हैं लेकिन अधिकारी टाल मटाले और गोल-मोल जवाब दे रहे हैं।

कोरोना के कारण जब से लॉकडाउन की स्थिति बनी है भूपेश बघेल सरकार ने गरीबों तक चावल पहुंचाने की व्यवस्था को सबसे पहले मुकम्मल किया। मुख्यमंत्री बघेल स्वयं कई बार इस बात को जोर दे रहे हैं कि राशनकार्ड नहीं होने के कारण कोई भी व्यक्ति चावल लेने से वंचित न रहे। इसे अधिकारी सुनिश्चित करे। जिन व्यक्तियों के पास राशनकार्ड नहीं है उनको शहरी क्षेत्र में नगरीय निकाय और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों के माध्यम से मुफ्त में चावल दिया जाना है। ऐसा किया भी जा रहा है लेकिन यह मदद की व्यवस्था है। किसी व्यक्ति का अधिकार नहीं है जैसा कि राशनकार्ड के रहने से है। पिछले एक माह से जनप्रतिनिधि और कांग्रेस, भाजपा व जोगी कांग्रेस के पदाधिकारी लगातार इस बात को कह रहे हैं कि बड़ी संख्या में राशनकार्ड से वंचित लोग इस जिले में है। जिनका राशनकार्ड बनाया जाना चाहिए।

बहुत से ऐसे गरीब परिवारों का पता चला है जिनका राशन कार्ड ही नहीं बना है और उन परिवारों को लॉकडाउन में चावल सहित अन्य खाद्यान सामग्री भी नहीं मिल पा रही है। इस स्थिति को देखते हुए बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से छूटे हुए परिवारों का राशन कार्ड बनवाने के लिए आग्रह किया गया था। इसमें ततपरता दिखाते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में छूटे हुए परिवारो के राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व खाद्यमंत्री अमरजीत सिंह भगत के निर्देश के बाद खाद्य सचिव डॉ. कमल प्रीत सिंह ने हितग्राहियों के राशन कार्ड बनाने के संबंध में विस्तृत आदेश भी जारी किया है। आदिवासी जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही में मुख्यमंत्री व खाद्य मंत्री के निर्देशों का भी पालन नहीं हो रहा है। आलम यह है कि अभी तक इस नवीन जिले में एक भी राशन कार्ड नहीं बन पाया है। जिसके चलते क्षेत्र के गरीब व मजदूर वर्ग परेशान व हताश हैं।

बहुत से पंचायत ऐसे हैं जिनमें अभी तक नए राशन कार्ड के लिए फार्म तक नहीं भरे गए हैं और न ही गांव वालों को इस संबंध में कोई जानकारी है। जिन पंचायतों में नवीन राशन कार्ड के लिए फार्म भराया भी गया है तो वहां भी वो पंचायतों में धूल खाती पड़ी है।

कांग्रेस नेता व कोरबा सांसद प्रतिनिधि राकेस मसीह, जिला कांग्रेस महामंत्री नारायण शर्मा व सचिव राजेन्द्र ताम्रकर से बात की गई तो उनका कहना था कि इस आदिवासी बाहुल्य जिले में राशन कार्ड का न बनना बहुत ही खेदजनक है और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशों की अवहेलना भी है। इस संबंध में हम जल्द ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व खाद्यमंत्री अमरजीत सिंह को वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे। आशा है शीघ्र ही पात्र हितग्राहियों के राशन कार्ड बनाए जाएंगे।

खाद्य निरीक्षक एनएस राठौर ने कहा कि कि अभी जिले में जिला खाद्य अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है, जिसके कारण नवीन राशन कार्ड बनने में देरी हो रही हैं। हम लोग इस संबंध में हितग्राहियों के फार्म जमा कर रहे हैं। उच्च अधिकारियों का जैसा निर्देश होगा परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों के राशन कार्ड नियमानुसार जारी कर दिए जाएंगे।