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हसदेव अरण्य में आबंटित कोल ब्लॉक रद्द करने विधानसभा में अशासकीय संकल्प पारित ….

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के विधायक धर्मजीत सिंह ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में आबंटित कोल ब्लॉक रद्द करने अशासकीय संकल्प लाया। सीएम ने अशासकीय संकल्प पर सहमति जताई, जिसके बाद अशासकीय संकल्प सर्वसम्मति से सदन में पारित हुआ। सीएम भूपेश ने कहा कि कोयला आबंटन मोदी सरकार करती है।

इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन में आप एनओसी रद्द करने की घोषणा कर दीजिए। विधायक धर्मजीत ने कहा कि केंद्र से टकराना है तो टकराइए, लेकिन खनन रोकिए। छत्तीसगढ़ की वन संपदा, खनिज संपदा की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है। कोल ब्लॉक में इंग्लैंड और पोलेंड की मशीनें आ गई है, इसे रोका नहीं गया तो जंगल मैदान बन जाएगा।

विधानसभा में विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 57 हजार मिलियन टन का कोल भंडार है। 50 साल में भी 25 फीसदी ही खनन किया जा सकता है। हसदेव से लगे मदनपुर, हरिहरपुर में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी आए थे। उन्होंने कहा था कि वह खुद आदिवासियों की लड़ाई लड़ेंगे, लेकिन इसी मदनपुर की ढाई सौ एकड़ जमीन कोल ब्लॉक में आ गया है।

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि वर्तमान में ऊर्जा उत्पादन का मुख्य स्त्रोत कोयला है। प्रदेश सरकार सदन में प्रस्तुत अशासकीय संकल्प का समर्थन करती है। बता दें कि हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला खनन के लिए वर्तमान में स्वीकृत परसा ईस्ट एवं केते बासेन कोयला खदान के लिए लगभग 2,22,921 वृक्ष एवं परसा कोयला खदान के लिए लगभग 99,107 वृक्षों की कटाई होनी है।

सीएम भूपेश ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 1995 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में लेमरु एलिगेंट रिजर्व घोषित किया है। उससे जुड़े कोल ब्लॉक में रोक लगाने की मांग केंद्र से की गई है। इस पर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि कोल ब्लॉक दिए जाने से मानव हाथी संघर्ष बढ़ेगा। भूमि अधिग्रहण का काम केंद्र और राज्य मिलकर कर रहे हैं।

सभी दलों के लोग हरिहरपुर चलकर देखे। सभी को लगेगा कि जंगल कट जाना चाहिए, तब मैं भी कहूंगा कि हां कटने दीजिये। इतना खूबसूरत जंगल देखकर आंख से आंसू निकल जाएंगे। जंगल काटकर वहां कोल ब्लॉक शुरू किया जाएगा तो भारी क्षति होगी।

बता दें कि हसदेव अरण्य में कोल ब्लॉक एक्सटेंशन किया जा रहा है। राजस्थान की विद्युत कंपनी को कोल ब्लॉक का आवंटन किया गया है। कोल ब्लॉक की एनओसी लंबे समय तक अटकी थी। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत छत्तीसगढ़ आए थे, जिसके बाद वन विभाग द्वारा एनओसी जारी की गई थी।

एनओसी जारी होने के बाद देशभर में कोल ब्लॉक का विरोध हो रहा है। मंत्री टीएस सिंहदेव ने कोल ब्लॉक का विरोध था, जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि महाराजा साहब चाहेंगे तो पेड़ क्या एक डहनी भी कटने नहीं देंगे। वहीं राजस्थान की बिजली कंपनी के एमडी विगत दिनों छत्तीसगढ़ आए थे।

उन्होंने मुख्य सचिव और कलेक्टरों से मिलकर खनन का कम शीघ्र शुरू कराने का आग्रह किया था। हसदेव अरण्य का मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। वहीं हसदेव के जंगलों को बचाने के लिए हसदेव बचाओ अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

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