मध्य प्रदेश

विदेश में रह रहे भारतवंशी बोले- सफल बनाएंगे सम्मेलन, प्रवासी भारतीय सम्मेलन में इंदौर आने के लिए काफी उत्साहित हैं प्रवासी भारतीय …

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश को 17वें प्रवासी भारतीय दिवस और सम्मेलन के आयोजन की जिम्मेदारी मिली है। विदेश मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश सरकार के सहयोग से इंदौर में हो रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न देशों के प्रवासी भारतीयों, फ्रेंडस ऑफ एमपी के सदस्यों और उद्योग व्यापार से जुड़े भारतीय मित्रों के सहयोग की जरूरत है। मुख्यमंत्री चौहान ने फ्रेंडस ऑफ एमपी के सदस्यों को प्रवासी भारतीय दिवस और सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। अनेक देशों में रह रहे भारतवंशियों ने मुख्यमंत्री चौहान से वीडियो कॉफ्रेंस से चर्चा करते हुए कहा कि वे सम्मेलन को सफल बनाने में पूरा सहयोग देंगे।

मध्यप्रदेश सरकार सम्मेलन के अवसर पर विभिन्न राष्ट्रों से द्विपक्षीय सहयोग पर भी वार्ता करेगी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के मुख्य अतिथि गोयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली होंगे। यह सम्मेलन आठ से दस जनवरी तक इंदौर में होने जा रहा है। इसके बाद ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट भी होगी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इंदौर आने के लिए स्वीकृति दे चुके हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस और सम्मेलन में अनेक बिजनेस लीडर आएंगे। नोबल पुरस्कार से पुरस्कृत व्यक्तित्व, प्रख्यात डॉक्टर, लेखक सहित विभिन्न हस्तियाँ भी आएंगी। मनभावन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। सम्मेलन में मालवा की विशिष्ट कला-संस्कृति का प्रदर्शन होगा। साथ ही चुनिंदा रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट भी दिखाए जाएंगे। आमंत्रित प्रतिनिधि उज्जैन में लोकार्पित महाकाल लोक के दर्शन भी करेंगे।

मुख्यमंत्री चौहान ने वीसी बैठक द्वारा प्रवासी भारतीय दिवस और सम्मेलन के संबंध में विभिन्न देशों में फ्रेंड्स ऑफ एमपी के चैप्टर्स लीडर्स और सक्रिय सदस्यों से चर्चा कर रहे थे। इस दौरान विभिन्न राष्ट्रों से चैप्टर्स लीडर्स ने अधिक से अधिक सदस्यों के साथ इंदौर आने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री चौहान ने यूएसए, यूके, यूएई सहित विभिन्न देशों से जुड़े हुए फ्रेंडस ऑफ एमपी के सदस्यों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस संवाद से अभिभूत महसूस कर रहे हैं। आप लोगों का जो प्रेम इस देश और मध्यप्रदेश की माटी के लिए है, वो अद्भुत है। आपकी देश के प्रति भक्ति और सेवा की भावना की जितनी प्रशंसा की जाए वो कम है। जब-जब देश या मध्यप्रदेश को आपकी जरूरत हुई है आप दोनों बाहें फैला कर मदद के लिए आगे आए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रवासी भारतीय मित्रों ने कोविड के कठिन समय में ऑक्सीजन, फूड, दवा भेजने के लिए भी पूरा सहयोग दिया।

 

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अपना मध्यप्रदेश अद्भुत है। यह वन संपदा, खनिज संपदा, जन संपदा, जल संपदा, वन संपदा से परिपूर्ण है। मध्यप्रदेश पहले से टाइगर स्टेट रहा है, इसके बाद लेपर्ड स्टेट बना और अब चीता स्टेट भी है। देश में आज मध्यप्रदेश का अलग स्थान है। मध्यप्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। इंदौर लगातार 6वीं बार स्वच्छता में नंबर वन है। स्वच्छता में मध्यप्रदेश पहले स्थान पर है। प्रवासी भारतीय दिवस पर हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हमारी देश की गौरव राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू हम सबको मार्गदर्शन देंगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस के आयोजन के संबंध में फ्रेंडस ऑफ एमपी के सदस्यों के सुझावों पर अमल किया जाएगा। मध्यप्रदेश के लिए यह ऐतिहासिक अवसर है। जनवरी माह में तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय दिवस और सम्मेलन के बाद वहीं 11-12 जनवरी 2023 को ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट इंदौर में होना है, जिसमें आए प्रतिनिधि अन्य निवेशकों के साथ भेंट और बैठक कर सकेंगे। इस तरह सुविधानुसार अनेक प्रतिनिधि 5 दिन का प्रवास कर दोनों कार्यक्रमों को यादगार बनाने की भूमिका निभाएंगे। राज्य सरकार का प्रयास है कि आमंत्रित प्रतिनिधियों को अनुकूल एयर कनेक्टविटी उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही एनआरआई निवेशकों को जमीन आवंटन जैसी सुविधा प्राथमिकता से उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस और सम्मेलन के विभिन्न आयामों के बारे में संपूर्ण जानकारी सोशल मीडिया एवं वेबसाइट पर निरंतर दी जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रवासी भारतीय विभाग ने गत 13 अक्टूबर को प्रवासी भारतीय दिवस और सम्मेलन की वेबसाइट लॉन्च की है। यह सिंगल विंडो की तरह है। इसमें रजिस्ट्रेशन, आवास, पर्यटन स्थल आदि की जानकारी होगी। इस वेबसाइट के माध्यम से अब तक 36 ग्रुप और उसमें शामिल 720 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इस वेबसाइट पर प्रारंभ किए गए स्टार्टअप और एक्सपोर्टर्स की जानकारी भी दी जाएगी।

लंदन के डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश उनकी जन्म भूमि है। बीस वर्ष में यह अवसर आया है जब मध्यप्रदेश में प्रवासी भारतीय सम्मेलन हो रहा है, इसे सभी मिल कर सफल बनाएंगे। जितेंद्र वैद्य, आबुधाबी ने बताया कि वे आबुधाबी में 25 सालों से निवास कर रहे हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन इंदौर में होना गौरव की बात है। पिछली बार ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में इंदौर आने का काफी अच्छा अनुभव है। परमीत माकोड़े बोस्टन ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा। कर्म भूमि से जन्म-भूमि की यात्रा होगी। इंदौर स्वच्छतम शहर है। इंदौर के स्टेडियम में प्रधानमंत्री जी का विशेष पोट्रेट चित्र तैयार कर भेंट करने की योजना है। जितेंद्र मुछाल न्यूयार्क ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान द्वारा फरवरी 2015 में न्यूयार्क में जो पौधा रोपा था वह आज वृक्ष बन गया है। इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह का वातावरण है। महाकाल लोक देखने की भी सभी में जिज्ञासा है। पर्यटन और उद्योग क्षेत्र में प्राथमिकता से कार्य के लिए अनेक निवशक तैयार होंगे। डॉ. शिरीष जौहरी, सिंगापुर ने कहा कि वे महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर से पढ़े हुए हैं। इस लगाव की वजह से वे सम्मेलन की तारीखों की बेसब्री से प्रतिक्षा कर रहे हैं। रवि कुमार तिवारी टोरंटो ने कहा कि इंडो-केनेडा चेम्बर्स ऑफ कामर्स का गठन किया गया है। कनाडा से करीब 100 प्रतिनिधियों के आने का अनुमान है। रक्षित मेहता स्विटजरलैंड अलंकार मालवीय जोहान्सबर्ग और श्रीमती लीना वैद्य आबुधाबी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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