कांग्रेस डिजिटल माध्यम से संगठन चुनाव की तैयारी में, मधुसुदन मिस्त्री को मिली जिम्मेदारी ….

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नई दिल्ली । सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो कांग्रेस संगठन चुनाव कराने की तैयारी में है। इस बार का चुनाव डिजिटल होगा। देशभर के 1500 प्रतिनिधि राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए वोटिंग करेंगे। निर्वाचन की जिम्मेदारी मधुसुदन मिस्त्री को सौंपी गई है। कांग्रेस के 23 बड़े नेता कुछ इसी तरह की मांग कर रहे थे, जिनको असंतुष्ट कहा गया और अभी हाल ही में कांग्रेस संगठन के फेरबदल में उन सबको दूर रखा गया।

कांग्रेस में काफी दिनों से चल रहे घमासान के बीच कांग्रेस ऐतिहासिक बदलाव के लिए तैयार है। सूत्रों की मानें तो पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव डिजिटल तरीके से होगा। कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव में शामिल होने वाले डेलिगेट का पहले मतदाता सूची जारी किया जाएगा। फिर एआईसीसी के डेलिगेट को डिजिटल कार्ड जारी किया जाएगा। अध्यक्ष पद के चुनाव में करीब 1500 डेलिगेट वोट करते हैं।

देश की सबसे पुरानी पार्टी ने नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए एआईसीसी डेलिगेट को पहचान पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार सदस्यों को डिजिटल कार्ड दिया जाएगा जिस में एक बार कोड होगा। इस कोड को स्केन करते ही सदस्य के बारे में तमाम जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगीं। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित करने के लिए जल्द ही कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक होगी। सीडब्लूसी की मुहर के बाद कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा।

केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के एक सदस्य ने कहा कि अध्यक्ष पद के लिए एक से अधिक उम्मीदवार होगें, तो मतदान होगा। मतदान बैलेट पेपर के जरिए होगा या डिजिटल तरीके से, इस बारे में अंतिम फैसला सीडब्लूसी करेगी। चुनाव प्राधिकरण दोनों तरीके से नए अध्यक्ष का चुनाव कराने के लिए पूरी तैयारी कर चुका है।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नए साल की शुरुआत तक नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। पार्टी के नए अध्यक्ष का कार्यकाल साल 2022 तक होगा। क्योंकि, वर्ष 2017 में राहुल गांधी अध्यक्ष बने थे, पर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी जिम्मेदारी संभाल रही है।

एक के बाद एक चुनाव में हार के बाद पार्टी के अंदर असंतोष की आवाज तेज हो रही है। ऐसे में पार्टी के समक्ष चुनाव को पूरी तरह पारदर्शी और लोकतांत्रिक बनाने की चुनौती है ताकि आलोचकों को कोई मौका नहीं मिल पाए। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 23 असंतुष्ट नेताओं के पत्र के बाद ही नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण का गठन किया था। इसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री को सौंपी गई है।