छत्तीसगढ़बिलासपुर

भीड़-भाड़ वाले इलाकों, मार्केट में पॉकिटमारी कर सस्ती कीमत में खपाते थे चोरी का मॉल, आरोपियों से चोरी का 20 मोबाइल बरामद …

बिलासपुर । शहर में पिछले कुछ दिनों से मोबाइल चोरी की घटनाएं बढ़ गई है। इसके साथ ही सब्जी मार्केट और सार्वजनिक जगहों से बाइक भी चोरी हो रही है। चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए SSP पारुल माथुर ने सभी थाना प्रभारियों को संदेहियों की जानकारी जुटाने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर सरकंडा थाना प्रभारी फैजूल शाह ने अपनी टीम को संदेहियों की धरपकड़ करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस दौरान पता चला कि कुछ युवक चोरी की मोबाइल बेचने के फिराक में घूम रहे हैं। लिहाजा, टीम ने ऐसे लड़कों की जानकारी जुटाई। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली।

बिलासपुर में पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 20 मोबाइल भी बरामद किए हैं। आरोपी युवक मार्केट और भीड़भाड़ वाले इलाके में मौका पाकर लोगों के जेब से मोबाइल पार कर देते थे और फिर ग्राहक तलाश कर मोबाइल को बेच देते थे। आरोपी युवक को पकड़ने के लिए पुलिस ने मोबाइल दुकान संचालक को माध्यम बनाया और मोबाइल खरीदने के बहाने से उसे बुलाकर दबोच लिया। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।

इसके बाद पुलिस ने मुखबिर लगाकर पतासाजी की, तो मालूम हुआ कि दो युवक चोरी की मोबाइल को सस्ती कीमत में बेचते हैं। इस पर पुलिस ने एक मोबाइल दुकान संचालक के माध्यम से संदेही युवक को फोन लगवाया और उससे सेकेंड हेंड मोबाइल मंगवाया। युवक तीन मोबाइल लेकर दुकान संचालक को दिखाने पहुंचा, तो उसने पुलिस को बुला लिया। युवक को पकड़कर पुलिस ने पूछताछ की, तब चोरी का राज खुल गया।

थाना प्रभारी फैजूल शाह ने बताया कि चोर गिरोह के सदस्य मोबाइल चोरी कर सस्ती कीमत में लोगों को बेच देते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 15 से 20 हजार रुपए कीमती एंड्रायड मोबाइल को तीन से पांच हजार रुपए में लोगों को बेच देते हैं। लोग सस्ती कीमत में मोबाइल पाने की लालच में उसे खरीद भी लेते हैं और बिल भी नहीं लेते।

पुलिस ने चांटीडीह के ईरानी मोहल्ला निवासी सिकंदर अली (25) को पकड़कर पूछताछ की, तब उसने बताया कि वह सिविल लाइन क्षेत्र के कुम्हारपारा में रहने वाले अपने दोस्त पवन प्रजापति (19) के साथ मिलकर सब्जी मार्केट और भीड़भाड़ वाले इलाके में जाकर लोगों की जेब से मोबाइल पार कर देते थे। मार्केट में मोबाइल गायब होने पर लोग चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराते थे, जिसके कारण पुलिस चोरी गई मोबाइल को ट्रेस भी नहीं करती थी। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों से 20 मोबाइल बरामद किया है, जिसकी कीमत तीन लाख रुपए बताई जा रही है। वहीं, दोनों आरोपियों के खिलाफ चोरी का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है।

आमतौर पर मोबाइल चोरी होने पर पुलिस सीधे तौर पर चोरी का केस दर्ज करने से बचने का प्रयास करती है। मोबाइल चोरी होने पर पुलिस लोगों को सील लगाकर पावती देकर रवाना कर देती है। लोगों को लगता है कि उन्हें थाने की सील लगी पावती मिल गई और पुलिस उनकी शिकायत पर केस दर्ज कर जांच कर रही है। जबकि, वास्तविक यह है कि मोबाइल चोरी होने का केस दर्ज होने के बाद ही पुलिस की साइबर सेल की टीम ऐसे मोबाइल की जांच करती है। वहीं, पुलिस की साइबर सेल की टीम गुम मोबाइल की जांच नहीं करती और शिकायत की पावती थाने में ही धूल खाती पड़ी रहती है।

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