मध्य प्रदेश

इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ के निधन पर भारत में राष्ट्रीय शोक पर हुआ विवाद खड़ा, घिर गई नरेंद्र मोदी सरकार …

भोपाल. ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ के निधन के बाद कई देशों की तरह भारत में भी एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक दिन के राष्ट्रीय शोक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, जिन्होंने हमें सैकड़ों साल गुलाम बनाकर रखा, देश के लोगों के साथ अत्याचार किया, कई देशभक्तों ने शहादत दी, आखिर कैसे हम उनके लिए राष्ट्रीय शोक मना सकते हैं।

यह बात द्वारका शारदा पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने नरसिंहपुर के परमहंसी गंगा आश्रम में मीडिया से चर्चा करते हुए कही। दरअसल, शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के निधन के बाद उनके अनुयाई निधन के बाद देश में एक दिन का राष्ट्रीय शोक चाहते थे। इसे लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा। मध्य प्रदेश सरकार ने स्वरूपानंद के निधन के बाद उन्हें राजकीय सम्मान से विदाई दी थी। सरकार द्वारा देश में एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं करने पर अनुयाइयों में नाराजगी देखी जा रही है.

राष्ट्रीय ध्वज झुकाना गलत- शंकराचार्य

ज्योतिष्पीठाधीश्वर और द्वारका शारदापीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि हमारे यहां सन्यासियों के दिवंगत होने पर ये शोक क्यों नहीं मनाया जाता? शंकराचार्य की माने तो महारानी द्वारा भेजे गए अंग्रेजों ने सवा 7 लाख बेकसूर भारतीयों को मारा था। उनके निधन पर राष्ट्रीय शोक मनाना और राष्ट्रध्वज को झुकाना पूरे देश के लिए ठीक नहीं है। यह करोड़ों देशवासियों और हमारे शहीदों का अपमान है.

90 साल की लीज पर जवाब दे सरकार

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हमने सुना है और गूगल पर भी यह दस्तावेज है कि भारत को अंग्रेजों ने 90 साल की लीज पर आजादी दी थी। अब 75 साल हो गए हैं, 15 साल शेष हैं। इसके बाद भारत पुनः गुलाम हो जाएगा। इसपर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और देश की न्यायपालिका को जवाब देना चाहिए।

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