मध्य प्रदेश

फिर दिखा सीएम शिवराज सिंह का अलग अंदाज: चाय वाले की आवाज सुन रथ रुकवाकर ली चाय की चुस्की

धार के कुक्षी में हजारों की भीड़ में चाय वाले की आवाज सुनकर पूरी की उसके मन की मुराद

कुक्षी (धार)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक बार फिर अलग अंदाज नजर दिखाई दिया. इस बार सीएम शिवराज सिंह चौहान ने हजारों की भीड़ में एक चाय वाले की आवाज सुनी और उसके मन की मुराद भी पूरी की. मामला धार के कुक्षी का है, जहां जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान टंट्या मामा भील यात्रा और पेसा कानून जागरूकता अभियान में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. जिस वक्त वो गौरव यात्रा रथ में सवार होकर कार्यक्रम स्थल के लिए जा रहे थे, तब जगह-जगह उनका स्वागत किया जा रहा था और बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता व लोग उनके रथ के साथ चल रहे थे. इसी दौरान एक चाय वाले युवक ने आवाज लगाई- ‘मामा चाय पी लो…’ इस पर शिवराज सिंह ने रथ रोककर भांजे की मुराद पूरी कर दी। चाय पीने के बाद उन्होंने उसका भुगतान भी किया.

दरअसल, रास्ते के किनारे चाय की दुकान चलाने वाले एक युवक ने आवाज लगाते हुए कहा कि मामा चाय पीते जाओ. युवक की आवाज सीएम ने सुन ली और तुरंत अपना रथ चाय वाले युवक की दुकान के सामने रुकवा दिया. इसके बाद सीएम ने अपने सुरक्षा गार्ड्स से चाय मंगवाई और चाय पीने के बाद युवक को चाय के पैसे देते हुए उसकी चाय की तारीफ भी की. ज्ञात हो सीएम शिवराज की इस तरह की खास अदा ही लोगों को उनसे जोड़ने का काम करती है. कुक्षी के वाकये का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है.

सीएम ने सरपंचों के साथ खाटला बैठक कर दी पेसा एक्ट के कानूनों की जानकारी

शहडोल में गत दिनों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जनजातीय गौरव दिवस के समारोह मंच से मप्र में पेसा एक्ट लागू किया था. पेसा एक्ट लागू होने के बाद रविवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान धार जिले के कुक्षी पहुंचे थे, जहां उन्होंने पेसा अधिनियम की जागरूकता के लिए मौजूद जनसमुदाय को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने धार जिले की 4 जनपदों की 40 ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ ‘खाटला बैठक’ भी की. मंडी परिसर में आयोजित इस बैठक में सीएम शिवराज चौहान ने सरपंचों को पेसा एक्ट के प्रावधानों के बारे में सीधी बात कर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पेसा एक्ट के तहत अब जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के साथ ही अन्य कई अधिकार भी ग्राम सभाओं को दिए गए हैं। अब आप लोगों को गाँव को सशक्त बनाना है। आप सब अपनी पंचायतों में पेसा एक्ट के बारे में बताएं। फैसला अब ग्राम सभाओं में होना है। इसलिए गाँव के लोगों में इसके विभिन्न पहलू के बारे में आपको भी जागरूकता लानी है।

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