मध्य प्रदेश

महाकाल लोक में रोज लग रहा श्रद्धालुओं का मेला, महज एक महीने में अवंतिका नगरी पहुंचे 30 लाख पर्यटक …

उज्जैन। प्रधानमंत्री द्वारा 11 अक्टूबर को महाकाल लोक का लोकार्पण करने के बाद से महाकाल लोक से आर्थिक, सामाजिक और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में आए बदलाव ने लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि महाकाल लोक के शुभारंभ के बाद महज एक महीने में 30 लाख लोग उज्जैन पहुंचे। यानी यहां रोज औसतन 1 लाख लोग आ रहे हैं। वास्तव में महाकाल लोक ने पर्यटन के ट्रेंड को बदलने की क्षमता दिखाई है। इससे क्षेत्र में लोगों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं।

दिवाली के बाद बड़ी संख्या में गुजराती पर्यटक उज्जैन पहुंचे। इतना ही नहीं योग गुरु ओमानंद ने विश्व के तीसरा योग थैरेपी सेंटर यहां शुरू करने की घोषणा की। इसके साथ आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक पर्यटन क्षेत्र में बदलाव आ रहे हैं। इससे न केवल सर्विस, हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र बल्कि पर्यटन.उद्योग में भी उज्जैन उड़ान भरकर विश्व के नक्शे पर दमकेगा। उज्जैन के कलेक्टर आशीष सिंह के अनुसार महाकाल लोक से उज्जैन का विकास सुनिश्चित है। निश्चित तौर पर शहर में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। उद्योगों के साथ हॉस्पिटैलिटी ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यवसाय को रफ्तार मिलेगी। उम्मीद है अगले महीनों में कार्पोरेट्स उज्जैन में अपना निवेश करेंगे।

हाकाल लोक के बाद मंदिर क्षेत्र में आर्थिक व सामाजिक रूप से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां धार्मिक पर्यटन से जुड़े व्यापार-व्यवसाय के साथ अन्य व्यवसाय भी सकारात्मक रूप से बदल रहे हैं। संपत्तियों की कीमतों में डेढ़.दो गुना तक अघोषित बढ़ोतरी हो रही है। व्यापार.व्यवसाय और रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। कई लोग ऊंचे दाम पर मकान बेचकर या इन्हें होटल में तब्दील कर नई कॉलोनियों में शिफ्ट हो रहे हैं। कई ने अपने मकान होटल के लिए किराए पर दे दिए हैं। फूल-प्रसादी से लेकर खाद्य सामग्रियों की खपत और होटल-लॉज, ऑटो-रिक्शा आदि की मांग भी बढ़ रही है।

महाकाल लोक प्रबंधन से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लोकार्पण के बाद शहर में धार्मिक पर्यटन काफी बढ़ा है। पिछले एक महीने में ही करीब 30 लाख लोग यहां पहुंच चुके हैं। मसलन रोज औसत एक लाख लोग महाकाल लोक और मंदिर आ रहे हैं। अवकाश के दिन तो यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा हो जाती है कि शहर की करीब 300 छोटी बड़ी होटल-लॉज के 5 हजार और 150 धर्मशालाओं के 2000 कमरे नाकाफी साबित हो रहे हैं। पहले जहां अधिकांश बाहरी लोग महाकाल दर्शन कर शहर से लौट जाते थे, अब वे यहां एक-दो दिन रुक रहे हैं और महाकाल के साथ शहर के अन्य धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं। इससे मंगलनाथ, हरसिद्धि, काल भैरव, चिंतामण गणेश, भर्तहरि गुफा, सांदीपनी आश्रम, गढ़ कालका, इस्कान मंदिर आदि स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी अच्छा खासा इजाफा हुआ है। साथ ही उज्जैन से ओंकारेश्वर, महेश्वर, मांडू का धार्मिक रूट भी विकसित हो रहा है। यहां भी पर्यटक बड़ी संख्या में आ और जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महाकाल लोक का लोकार्पण करने के ठीक एक महीने बाद 11 अक्टूबर को ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और रिलायंस जियो ने एक और नई सौगात देते हुए इसी माह 5-जी का श्रीगणेश महाकाल लोक से करने की घोषणा की। ए महज सौगात नहीं, डेटा क्रांति का आगाज है। यह 5-जी सेवा का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश में इसी माह से 5-जी सेवा शुरू हो जाएगी, जिसकी शुरूआत महाकाल लोक उज्जैन से होगी। इसके बाद ए सेवा इंदौर, भोपाल और फिर एमपी के सभी शहरों में शुरू की जाएगी। इस सेवा की शुरूआत होने के बाद प्रदेश में इंटरनेट की स्पीड और भी तेज हो जाएगी। ऐसे में जिस प्रकार 3-जी सेवा लगभग बंद सी हो गई है और लगभग सभी मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स 4-जी पर आ गए, वैसे ही वे 5-जी पर आ जाएंगे।

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