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जमशेदपुर मुर्मू ट्रिपल मर्डर: पुलिस जांच पर उठे सवाल, जिन्हें मान रही थी संदिग्ध वो निकले नेत्रहीन ….

टाटा। जमशेदपुर के गोलमुरी पुलिस लाइन में महिला सिपाही सविता मुर्मू, उसकी मां और बेटी की हत्या मामले में पुलिस की जांच पर पहले ही दिन से सवाल उठने लगा है। सविता की हत्या में महिला सिपाही के देवर और जेठ को पुलिस संदिग्ध मान रही है, लेकिन दोनों को आंख से दिखाई तक नहीं देता है। ऐसे में वारदात में उनकी कितनी संलिप्तता हो सकती है, यह जांच का विषय है।

घटना के बाद गुरुवार देर रात महिला सिपाही के देवर दाखीन हेम्ब्रम, जेठ सुराई हेम्ब्रम समेत दोनों की पत्नियों को पुलिस डुमरिया से जमशेदपुर पूछताछ के लिए भी ले गई थे। जहां उनसे थाने में पूछताछ की गई। दाखीन और सुराई दोनों भाइयों को आने-जाने के लिए किसी का सहारा लेना पड़ता है। क्योंकि दोनों नेत्रहीन हैं। ऐसे में ये लोग हत्या में किस रूप में संदिग्ध हैं, इसका जबाव पुलिस ही दे पाएगी।

डुमरिया के रांगामटिया गांव के दासोडीह टोला में महिला सिपाही का ससुराल है। पुलिस लाइन के कमरे में तीनों की लाश मिलने के बाद गोलमुरी पुलिस ने डुमरिया पुलिस से सूचित किया और महिला सिपाही के देवर और जेठ को जमशेदपुर लाने को कहा। दोनों भाइयों के साथ उनकी पत्नियां भी जमशेदपुर गई थी।

सविता के पति कैलाश हेम्ब्रम ने नक्सलियों के खिलाफ लोहा लिया था और नागरिक सुरक्षा समिति से जुड़े हुए थे। क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस की ओर से चलाए जाने वाले अभियान में कैलाश की बढ़-चढ़ कर हिस्सेदारी रहती थी। इस दौरान 2007 में भीताराम्दा गांव में ग्रामीणों द्वारा सात नक्सलियों का सेंदरा किया गया था। इस सिलसिले में पीयूसीएल, मानव अधिकारी से जुड़े लोगों का एक एक 2008 में जांच को गांव भी आया था।

पीयूसीएल के अधिकारियों को गांव में विरोध का सामना करना पड़ा था। उनके वाहन की हवा तक निकाल दी गई थी, ताकि वे लोग भीताराम्दा गांव तक नहीं जा सके। इसके बाद 4 फरवरी 2009 को डुमरिया के जादूगोड़ा गांव में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट में पुरस्कार वितरण के दौरान कैलाश हेम्ब्रम को नक्सलियों ने भून डाला था। नक्सली हमले में मौत के बदले राज्य सरकार ने कैलाश की पत्नी सविता हेम्ब्रम को पुलिस विभाग में 2013 में सिपाही की नौकरी दी थी।

गोलमुरी पुलिस लाइन में हुई सविता की हत्या उसके ही प्रेमी ने की थी। पुलिस ने प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। वह गम्हरिया का निवासी है और कोवाली व डुमरिया में भी उसका घर है। हत्या त्रिकोणीय प्रेम संबंध के चलते की गई थी। गिरफ्तार युवक का नाम सुन्दर मांझी है।

उसने हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। पहले से ही पुलिस को उसके ऊपर शक था। लेकिन, जब फिंगर प्रिंट का मिलान कराया गया तो स्पष्ट हो गया कि हत्या उसके ही प्रेमी ने की है। उसके बाद जब गहन पूछताछ शुरू की गई तो वह टूटता चला गया।

उसने हत्या के लिए जो पुलिस को कहानी बतायी वह चौंकाने वाली है। आरोपी ने बताया कि उसका पिछले 4 साल से सविता के साथ प्रेम संबंध था। वह अक्सर सविता के घर में आकर ही रहता था । इसकी जानकारी सविता की मां और परिवार के अन्य सदस्यों को भी थी, लेकिन कोई इसका विरोध नहीं करता था। पर, सविता का संबंध कुछ दूसरे पुलिसवालों के साथ भी था, जिसे लेकर उसके साथ मनमुटाव होता था।

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