मध्य प्रदेश

एमपी के खंडवा में हिंदू से मुस्लिम बना युवक : आलिम ने इंजीनियर का धर्मांतरण कराया, फहीम नाम दिया

भोलेनाथ की पूजा-अनुष्ठान कर और गंगाजल पिलाकर दोस्तों ने फिर हिंदू बनाया

खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा में एक सिविल इंजीनियर युवक का ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन करवाने के मामले ने सनसनी फैला दी है। युवक की शिकायत पर पुलिस ने नूरानी मस्जिद के आलिम को आरोपी बनाया है। आलिम पर आरोप है कि उसने अक्षय गौर नाम के युवक को अपने चंगुल में फंसाकर हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काकर उसका ब्रेनवॉश किया। इसके बाद मस्जिद में कलमा पढ़वाते हुए उसका धर्म परिवर्तन कर दिया। फिर उसके परिवार और रिश्तेदारों से भी मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहा था। वहीं, आलिम ने इन आरोपों को झूठा बताया है।
यह सनसनीखेज मामला अक्षय गौर की एक फेसबुक पोस्ट से उजागर हुआ। उसने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर कर धर्मांतरण की सूचना दी थी। इस पोस्ट में उसने लिखा था कि ‘मैंने अपना नया धर्म चुन लिया है। अब मेरा नया नाम फहीम खान है’। जब उसके हिंदू दोस्तों ने उसकी पोस्ट देखी तो वे हैरान रह गए। उन्होंने यह बात अक्षय के परिवार वालों को भी बताई। दोस्तों के साथ परिवार वालों ने भी उसे समझाया, पर वह नहीं माना। उसका इतने खतरनाक तरीके से ब्रेनवॉश किया गया था कि वह दोस्तों को मुस्लिम धर्म की तारीफें और हिंदू धर्म की बुराइयां गिनाता रहा। काफी प्रयासों के बाद दोस्त उसे समझा पाए और वह वापस हिंदू बनने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद अक्षय के दोस्त विशाल पासी और अन्य दोस्त हिंदू कार्यकर्ताओं के साथ युवक को अपने साथ महादेवगढ़ मंदिर ले गए। मंदिर में अक्षय को बैठाकर भोलेनाथ की पूजा व अनुष्ठान कर मंत्रोच्चार के साथ उसे गंगाजल पिलाया गया। अक्षय का कहना है कि मेरा ब्रेनवॉश किया गया था। शुक्र है, मेरे दोस्तों ने मुझे आलिम के जाल से बाहर निकाला। गंगा जल पिलाकर मेरा शुद्धिकरण किया और फिर मुझे हिंदू बना दिया। इसके बाद अक्षय दोबारा मस्जिद में गया। उसने आलिम से कहा कि कुरान में भी तो कुरीतियां हैं, इस पर आलिम भड़क गया। आलिम ने हिंदू धर्म को मूर्ख बताया और कहने लगा कि तुम बर्बाद हो जाओगे। अल्लाह को मानो, नहीं तो जन्नत नसीब नहीं होगी।


युवक ने पुलिस को शिकायत में यह बताया
दोस्तों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंचे युवक ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद भी वह बेरोजगार था। इसी के चलते 5 माह पहले मैं नागचून के पार्क में मायूस होकर बैठा था। वहां आलिम अमीनुद्दीन कादरी आया। उसने मुझसे कहा कि तुम परेशान लग रहे हो। तुम्हारा सब अच्छा होगा। लेकिन, इसके लिए हिंदू धर्म छोड़ना होगा। अल्लाह का रास्ता अपनाओ। तुम मस्जिद में आना और वहां नमाज पढ़कर देखो। तुम्हें अच्छा लगेगा। आलिम की बात सुनकर मैं दूसरे दिन मस्जिद में पहुंचा तो उसने हिंदू धर्म की बुराई शुरू कर दी और मुस्लिम धर्म की अच्छाइयां बताता रहा। उसने यह भी कहा कि मैं कई हिंदुओं को मुस्लिम बना चुका हूं।
‘कितनी ही पूजा करो जहन्नुम ही नसीब होगी, अल्लाह की इबादत करो जन्नत मिलेगी’
युवक ने बताया कि इसके बाद वह दो-तीन दिन लगातार मस्जिद में गया। आलिम ने कहा कि हिंदू हो या सिख या फिर क्रिश्चियन कितनी ही पूजा कर लो, जहन्नुम ही नसीब होती है। मुस्लिम ही ऐसा धर्म है कि अल्लाह की इबादत करने से जन्नत मिलती है। आलिम की ये बातें मेरे दिमाग पर असर करने लगीं। आलिम ने मुझे कलमा पढ़वाकर मेरा धर्म बदल दिया और मुझे फहीम खान नाम दिया। जब मैंने अक्षय नाम बदलकर फेसबुक पर फहीम खान डाला तो मेरे दोस्त और परिजन हैरान हो गए। दोस्तों ने मुझे समझाया। मैं फिर आलिम के पास गया। लेकिन वह पहले तो मुझे बरगलाकर समझाता रहा, लेकिन जब मै नहीं माना तो उसने मुझे मुस्लिम धर्म में बने रहने के लिए तरह-तरह की धमकियां दीं।
पिता बोले- छिपकर नमाज पढ़ता था बेटा
अक्षय के शिक्षक पिता ने बताया कि बेटा घर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में छिपकर नमाज पढ़ता था। हमने उसे देखकर पूछताछ की तो वह बोलने लगा कि इससे हमें जन्नत मिलेगी। मेरे साथ तुम भी मुस्लिम बन जाओ। ये बातें सुनकर हम तनाव में आ गए। हम इनकार करते थे तो वह आक्रोशित हो जाता था। आलिम तो मुझे भी मुस्लिम बनाना चाहता था। जब उसके दोस्त घर आए और उसे समझाया। बेटा जब मान गया और वापस हिंदू धर्म अपना लिया तब जाकर हमने राहत की सांस ली है, अन्यथा अक्षय को लेकर हम तो काफी घबराए हुए थे।
आलिम पर धार्मिक भावना आहत करने व धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम का केस दर्ज
युवक की शिकायत पर मोघट थाना पुलिस ने गुरुवार रात आलिम अमीनुद्दीन कादरी पर धार्मिक भावना आहत करने और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। एसपी विवेक सिंह का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस संबंध में आलिम का कहना है कि मुझ पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। युवक खुद ही मस्जिद में मुस्लिम बनने आया था। हमने उसे सलाह दी कि कानून के अनुसार काम करें। हम इस तरह के काम नहीं करते हैं, लेकिन वह नहीं माना।

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